Bihar Flood: बाढ़ प्रभावित इलाकों में उतरे मोतिहारी DM, मंत्री श्रवण कुमार ने भी लिया व्यवस्था का जायजा... भागलपुर में हालात खराब
Bihar Flood: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था पर प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने संतोष जताया. वहीं, भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.47 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है.
बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. इसी बीच मोतिहारी के बाढ़ प्रभावित इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें सरकार की मानवीय संवेदना को दर्शा रही हैं. साथ ही, अधिकारियों की अपनी मानवीय संवेदना का भी जीता-जागता उदाहरण पेश कर रही है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में न सिर्फ खाना बांटा जा रहा है, बल्कि जिला मजिस्ट्रेट सुमन सौरभ यादव खुद अपने हाथ से एक बच्चे को फल दे रहे हैं. जब लोग किसी आपदा का सामना कर रहे हों और अधिकारी या नेता न केवल उनकी स्थिति पर ध्यान दें, बल्कि मानवीय संवेदना के साथ उनकी तकलीफें कम करने के लिए सक्रिय रूप से काम भी करें, तो ऐसी सरकार और प्रशासन में जनता का भरोसा बढ़ता है.
पूर्वी चंपारण पहुंचे श्रवण कुमार
बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार शुक्रवार (2 अक्टूबर) सुबह-सुबह बाढ़ प्रभावित संग्रामपुर ब्लॉक की डुमरिया पंचायत के विश्रामपुर वार्ड नंबर 15 पहुंचे. पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने लोगों से सरकार द्वारा उपल्ब्ध कराई जा रही व्यवस्था खासकर नाश्ता-भोजन, रहने, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने को कहा.
इस दौरान मंत्री ने बिश्रामपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय का भी दौरा किया. वहां उन्होंने छात्रों की शिक्षा और सीखने-सिखाने की व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने स्कूल में आयोजित मेडिकल कैंप का भी निरीक्षण किया. दौरे के दौरान, उन्होंने इलाज के लिए आईं महिलाओं से बातचीत की और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. उन्होंने कैंप में उपलब्ध दवाओं और इलाज की व्यवस्था के बारे में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से भी चर्चा की. इसके बाद, मंत्री ने छात्रों के बीच किट बांटीं.
मंत्री श्रवण कुमार ने व्यवस्था पर जताया संतोष
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था पर प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने संतोष जताया. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए यहां बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है. इसके लिए जिला प्रशासन धन्यवाद का पात्र है, जिसने पूरी तत्परता के साथ काम किया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय यहां की जनता, जनप्रतिनिधि और प्रशासन ने मिलकर मानवता की मिसाल कायम की है. अरेराज क्षेत्र में जन प्रतिनिधियों, प्रशासन और आम लोगों ने मिलकर जिस तरह बाढ़ की चुनौती का सामना किया है, वह सामूहिक प्रयास और आपसी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है.
भागलपुर में खराब हो रहे हालात
भागलपुर में एक बार फिर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. कुछ दिनों की राहत के बाद गंगा का पानी फिर बढ़ने लगा है और अब जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है. भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.47 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है. यानी गंगा अब खतरे के निशान से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे बह रही है. वहीं, सुल्तानगंज और कहलगांव में स्थिति और चिंताजनक बनी हुई है. दोनों जगहों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया जा रहा है.
जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर गंगा के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है. जिन इलाकों में पानी घटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, वहां एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. दरअसल, गंगा के जलस्तर में कमी आने के बाद दियारा इलाके के कई गांवों से पलायन कर चुके लोग वापस अपने घर लौटने लगे थे. लोगों को उम्मीद थी कि अब हालात सामान्य होंगे और वे अपने घरों में रहकर जिंदगी दोबारा पटरी पर ला सकेंगे. लेकिन गंगा के तेवर एक बार फिर बदलने लगे हैं. जलस्तर जिस तरह से बढ़ रहा है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
मोतिहारी से पंकज कुमार और भागलपुर अश्वनी कुमार की रिपोर्ट