1981 में आई बॉलीवुड फिल्म 'नसीब' का यह गाना जिंदगी के बहुत करीब है. बिहार की राजनीति में अनंत सिंह पर यह गाना बहुत फिट बैठता है. उन्होंने जनता दल यूनाइटेड की वफादारी भूलकर जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह की दोस्ती के नाते मदद की और आज पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. अनंत सिंह की अनुज सिंह से दोस्ती वाकई इम्तेहान ले रही है. अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी ने 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया.
पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने जनता दल यूनाइटेड के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार का साथ देने के बदले अनुज सिंह से दोस्ती निभाना बेहतर समझा था, लेकिन पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना और उन्हें बाहर कर दिया गया. अनंत सिंह ने पार्टी फोरम पर अपनी बात कहने के बजाय सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार और आलाकमान के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी थी. इसके अलावा उन्होंने अपने समर्थकों से अनुज सिंह को जिताने के लिए जोर लगाने की अपील भी की थी.
डॉ. अनुज सिंह पटना स्नातक सीट से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी हैं. 2025 के विधानसभा चुनाव में नवादा सीट से उन्होंने अपना भाग्य आजमाया था, लेकिन मात खा गए थे. 2026 के विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट से उनके पक्ष में जबर्दस्त तरीके से लॉबिंग की और इस नाते उनके खिलाफ कार्रवाई हो गई है. जनता दल यूनाइटेड के लिए यह शर्मनाक स्थिति बन गई थी कि पार्टी का एक विधायक खुल्लमखुल्ला दूसरे दल के प्रत्याशी का साथ दे रहा है.
दोनों नेताओं के बीच का विवाद कोई नया नहीं है. 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड ने नीरज कुमार को मोकामा से उम्मीदवार बनाया था और उस समय अनंत सिंह निर्दलीय मैदान में उतरे थे और जीत भी गए थे. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा था. 2019 के एके 47 केस को लेकर भी अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई तरह के आरोप लगाए थे, जिसे नीरज कुमार ने खारिज किया था.
अनंत सिंह ने कार्रवाई से एक दिन पहले ही नीतीश कुमार को भगवान तुल्य बताया था, लेकिन इसके बाद भी वे कार्रवाई से बच नहीं पाए. नीतीश कुमार के साथ रहते हुए 9 मर्डर करवाने की बात भी उनके खिलाफ गई, जिससे पार्टी की बनी बनाई छवि को गहरा धक्का पहुंचा.
जनता दल यूनाइटेड की ओर से अनंत सिंह की सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा के स्पीकर को खत लिखा गया है और संविधान की 10वीं अनुसूची का हवाला दिया गया है. हालांकि, पार्टी की राय मानने के लिए स्पीकर बाध्य नहीं हैं. वे आरोपों के मेरिट और अनंत सिंह की सफाई के बाद ही अपने विवेक से फैसला लेंगे.