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इसी साल जून महीने में हुए जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के धरना प्रदर्शन और उसके बाद हुए उपद्रव से सीख लेते हुए सरकार सतर्क हो गई है. तभी तो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन से पहले ही तैयारी की जा रही है. 10 अक्टूबर को सुबह से लेकर दोपहर तक दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है. बिहार भी इससे अछूता नहीं रह गया है. पटना से दिल्ली जाने वाली तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति, अमृत भारत और मगध एक्सप्रेस समेत चार जोड़ी ट्रेनों को 9 अक्टूबर को रद्द कर दिया गया है, जिसकी वजह से पटना जंक्शन पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
ट्रेनों के रद्द होने से नाराज यात्रियों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने और विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है. अगर प्रदर्शन के दौरान भीड़ या कानून-व्यवस्था की चुनौती है, तो प्रशासन को सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्था करनी चाहिए, न कि ट्रेनों को रद्द कर आम यात्रियों की परेशानी बढ़ानी चाहिए.
वहीं, कुछ यात्रियों का कहना है कि विरोध लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और विरोध की आजादी के बिना लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं रह जाता. ऐसे में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले ट्रेनों के रद्द होने का असर अब पटना जंक्शन पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है, जहां यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान हैं.
रांची से दिल्ली जाने वाली गरीब रथ ट्रेन रद्द
दिल्ली में कल होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रांची से दिल्ली जाने वाली रांची नई दिल्ली गरीब रथ को शुक्रवार को रद्द कर दिया गया है. दिल्ली पहुंचने वाली उन ट्रेनों को रद्द किया गया है, जो वहां सुबह 4 बजे से दोपहर दो बजे के करीब पहुंचती हैं. रांची से जाने वाली गरीब रथ रद्द किए जाने की सूचना पैसेंजरों को पहले ही दे दी गई है.
आंदोलन के लिए बिहार के लोगों को खास बुलावा
जंतर मंतर प्रोटेस्ट से पहले CJP नेता सौरव दास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बिहार के युवाओं को खासतौर से दिल्ली के आंदोलन में शामिल होने को कहा है. सौरव दास का कहना है कि बिहार के लोग नहीं आएंगे तो माहौल नहीं बनेगा, इसलिए सभी को बड़ी संख्या में पहुंचना चाहिए.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के दौरान स्पेशल ट्रेन चलाए जाते हैं, गुजरात के वोटर्स को बिहार ले जाएंगे, गुजरात के वोटर्स को बंगाल ले जाएंगे. इसलिए अब युवाओं को भी भर-भरकर दिल्ली पहुंचना चाहिए और 'दिल्ली चलो' का नारा बुलंद करना चाहिए.
पटना से आत्मजा की रिपोर्ट