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कार अगर साफ न हो तो वह न सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगती है, बल्कि आपको जानकार हैरानी होगी कि, गंदी कार से कार का माइलेज भी कम हो जाता है. जब कार के ऊपर धूल और गंदगी काफी ज्यादा जमा हो जाती है, तो हवा का फ्लो खराब हो जाता है, हवा का बहाव यानी फ्लो खराब होने से गाड़ी पर प्रेशर बढ़ जाता है. इसके साथ ही कार की अंदर गंदगी ड्राइविंग के दौरान ध्यान भी भटका सकती है. इसलिए समय-समय पर कार की सफाई जरूर करनी चाहिए. यह काम भले ही एक नार्मल काम लगे, लेकिन सही जानकारी और सही सामान के बिना सफाई करने से गाड़ी को नुकसान पहुंच सकता है.
कपड़ों के लिए इस्तेमाल होने वाले कपड़े से गाड़ी साफ करने पर पेंट पर स्क्रैच और निशान पड़ सकते हैं. पुराने कपड़े या गंदे कपड़ों का इस्तेमाल कार की सफाई में बिल्कुल नहीं करना चाहिए. जिस कपड़े से आपने पहियों की सफाई की है, उसे कार की बॉडी पर न लगाएं, क्योंकि पहियों की धूल से पेंट खराब हो सकता है. इसके साथ ही गलत ब्रश का इस्तेमाल करने से कार के अंदरूनी हिस्सों पर भी स्क्रैच आ सकता है.
कार के अलग-अलग हिस्सों को साफ करने के लिए अलग-अलग कपड़े और ब्रश का प्रयोग करना चाहिए. इससे एक जगह की गंदगी दूसरी जगह नहीं फैलती है और कांच, प्लास्टिक, मेटल व अंदर का कैबिन पूरी तरह सेफ रहता है, किसी तरह का स्क्रैच नहीं आता है.
घर में इस्तेमाल होने वाले सर्फ या डिटर्जेंट से कार धोने पर पेंट की परत खराब हो जाती है. इससे प्लास्टिक ट्रिम और टायर भी जल्दी खराब होते हैं. रसोई या बाथरूम साफ करने वाले क्लीनर में तेज केमिकल होते हैं, जो कार की लेदर सीट और क्रोम फिनिश को नुकसान पहुंचाते हैं.
कार धोने के लिए हमेशा कार शैम्पू का ही प्रयोग करना चाहिए. यह गाड़ी के पेंट और क्रोम को बिना नुकसान पहुंचाए गंदगी को साफ करता है. कार के अंदरूनी हिस्से जैसे सीट, डैशबोर्ड, स्क्रीन और शीशों के लिए अलग-अलग क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए.
कड़ी धूप में कार न धोएं, क्योंकि पानी जल्दी सूखने से धब्बे पड़ जाते हैं. प्रेशर वॉशर को बहुत पास से चलाने से कार के रबर सील, प्लास्टिक और सेंसर्स खराब हो सकते हैं. कार के अंदर ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें, इससे सीटों के अंदर नमी जमा हो सकती है, जिससे फफूंद और बदबू की समस्या पैदा हो सकती है.
कार को धोने से पहले साफ पानी से छिड़काव करें जिससे धूल निकल जाए. कार धोने के लिए हमेशा दो बाल्टी वाले तरीके का इस्तेमाल करें. एक में साफ पानी और दूसरी में शैम्पू. सफाई की शुरुआत हमेशा छत से करें और नीचे की ओर आएं. धोने के बाद कार को सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से पोछें.
पक्षियों की बीट और कीड़े-मकोड़ों के दागों को कभी भी कार पर लंबे समय तक न छोड़ें. पक्षियों की बीट में एसिड होता है, जो कार के पेंट को हमेशा के लिए खराब कर सकता है. इसलिए इन्हें तुरंत साफ कर देना चाहिए.
कार में लगी टचस्क्रीन और डिजिटल डिस्प्ले पर सीधे कोई स्प्रे न छिड़कें. इससे लिक्विड अंदर जाकर इलेक्ट्रॉनिक्स को नुकसान पहुंचा सकता है. हमेशा क्लीनर को पहले माइक्रोफाइबर कपड़े पर लगाएं और फिर स्क्रीन को साफ करें.
अक्सर लोग कार के दरवाजों के किनारे, बंपर, व्हील आर्च और पायदान यानी मैट्स की सफाई करना भूल जाते हैं. इन जगहों पर गंदगी जमा होने से बदबू और सड़न पैदा हो सकती है. कार की सफाई के बाद दरवाजों के कब्जे, फ्यूल कैप के अंदर की जगह और बोनट के अंदर की गंदगी को भी समय-समय पर जरूर साफ करें.