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ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला बड़ा टेस्ट: मिड टर्म इलेक्शन के लिए हुई वोटिंग, मैरीलैंड से लेकर मैनहट्टन तक बूथों पर जुटी भारी भीड़

अमेरिका में सत्ता किसके पास रहने वाली है, यह तय करने के वहां पर मंगलवार को मिडटर्म इलेक्शन हुए. इस इलेक्शन में भाग लेने के लिए सुबह से ही बूथों पर लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं. चुनाव में अपने समर्थकों को सक्रिय करने के लिए ट्रंप आखिर तक डटे रहे.

Written By Devinder Kumar
Published: Nov 03, 2026, 10:22 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 10:30 PM IST
Image Credit: अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन के लिए सुबह से बूथों पर भीड़ बनी रही
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अमेरिका में मंगलवार को मिडटर्म चुनावों के लिए गजब का उत्साह देखने को मिला. हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (संसद का निचला सदन) और सीनेट (संसद का ऊपरी सदन) की सीटों के लिए हो रहे चुनाव में सुबह से ही लोगों की लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं. अमेरिका में छह अलग-अलग टाइम जोन हैं, इसके चलते मतदान शुरू होने का समय सभी राज्यों मे अलग-अलग रहा. लोगों को अपने वोट डालने के लिए ईवीएम और बैलेट बॉक्स का विकल्प दिया गया था.

इन चुनावों को ट्रंप के राष्ट्रपति पद के लिए जनमत संग्रह के रूप में भी देखा जा रहा है. वहां पर जीवन-यापन के बढ़ते खर्चों और ईरान के साथ जारी संघर्ष की वजह से लोगों में शासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है, जिससे इस चुनाव के डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में झुकने की बात भी कही जा रही है.

संसद में ताकत पाने की मारामारी

मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और 100 सदस्यीय सीनेट की 35 सीटों के साथ-साथ 36 राज्यों में गवर्नर पदों के लिए भी वोटिंग हुई. दूसरे शब्दों में कहें तो यह चुनाव केंद्रीय सत्ता पर कब्जे के साथ ही राज्यों में भी पावर हासिल करने के लिए था. राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का यह बड़ा चुनाव है. अगर इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी जीतती है तो उसे ट्रंप के विधायी प्रस्तावों को रोकने और प्रशासन के कामकाज की जांच शुरू करने का अधिकार मिल जाएगा.

राजनीतिक विश्लेषकों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दो सदनों में से कम से कम एक या संभवत दोनों में बहुमत खो सकती है. अगर ऐसा होता तो अगले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के लिए जीतना मुश्किल हो जाएगा.

अभी तक सामने आए ओपिनियन पोल्स के मुताबिक, डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में जीत दर्ज करेंगे और सीनेट में भी उनके पास मौका है. वहीं ट्रंप ने आखिरी समय में भी अपने समर्थकों को प्रोत्साहित किया. ट्रंप ने कहा, हम अब महान हैं. दो साल पहले हमारी स्थिति बहुत खराब थी. हमें अमेरिका को महान बनाए रखना है.

मैरीलैंड में पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं ने डाले वोट

मैरीलैंड के गेथर्सबर्ग में पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की भीड़ लगी रही. मिडटर्म इलेक्शन के लिए वोटिंग शुरू होते ही मतदान केंद्रों पर मतदाता पहुंचने लगे. एक मतदाता ने वोट डालने के बाद बाहर निकलते समय थंब्स-अप का इशारा किया. कई मतदाताओं ने राजनीतिक बदलाव की उम्मीद जताई और बढ़ते करों को लेकर चिंताएं जाहिर कीं.

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, मैरीलैंड की मतदाता हीदर मुलिकन ने कहा कि वे चुनावों को लेकर उत्साहित हैं. उन्होंने  उम्मीद जताई कि इससे देश में महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे.

50 राज्यों में तैनात किए एक हजार ऑब्जर्वर

चुनाव में किसी तरह की गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए ट्रंप के तहत आने वाले अमरीकी न्याय विभाग सभी 50 राज्यों में एक हजार 1,000 चुनाव ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं. अमेरिका के इतिहास में इस ऑब्जर्वर की सबसे बड़ी तैनाती बताया जा रहा है. पिछले मिडटर्म इलेक्शन की तुलना में यह संख्या करीब लगभग तीन गुना है.

न्यूयॉर्क सिटी की मैनहट्टन से कांग्रेस (संसद) के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार, माइका लैशर ने कहा, व्हाइट हाउस और हाउस (संसद) में डोनाल्ड ट्रंप- माइक जॉनसन जैसे लोगों का कब्जा है. उनके साथियों ने इस देश में रहना बहुत महंगा कर दिया है. वे अपने निजी मुनाफे के लिए कानून के शासन को खत्म कर रहे हैं. आज हम देश को वापस अपने हाथों में लेने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं, ताकि महंगाई के मुद्दों को हल किया जा सके और कानून के शासन को फिर से बहाल किया जा सके.

'मुझे लगता है कि अमेरिकी जनता बदलाव के लिए तैयार'

वे आगे कहते हैं, 'मुझे लगता है कि अमेरिकी जनता बदलाव के लिए तैयार है. वे कानून के शासन को बहाल करने के लिए एक ऐसी समझदार सरकार लाना चाहती है, जो आम कामकाजी लोगों को प्राथमिकता दे. अब जनता डोनाल्ड ट्रंप के फासीवादी शासन को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है.'

वे आगे कहते हैं, 'मैं हाउस में एक मजबूत डेमोक्रेटिक बहुमत का हिस्सा बनने के लिए बहुत उत्साहित हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि आज हम न्यूयॉर्क और पूरे देश में जीत हासिल करेंगे, और वाशिंगटन में बदलाव लाने वाली ताकत का हिस्सा बनेंगे.'

अभी तक संसद में सीटों का गणित क्या है?

बताते चलें कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव यानी निचले सदन में कुल सीटों की संख्या 435 है. इसमें बहुमत के लिए 218 वोटों की जरूरत होती है. मौजूदा वक्त में रिपब्लिकन पार्टी के पास 218 सीटें और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 214 सीटें हैं. जबकि ऊपरी सदन यानी सीनेट में कुल 100 सीटें हैं, जिनमें हर 2 साल बाद 33 सीटों पर चुनाव होता है. इस बार भी 33 नियमित सीटों और 2 विशेष सीटों पर चुनाव हो रहा है. वर्तमान में सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 औरर डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें हैं. 
 

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About the Author

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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