US बुला रहा, पर UK ने दिखाई आंख! अगले साल G20 शिखर सम्मेलन में पुतिन को नहीं बुलाएंगे PM एंडी बर्नम
ब्रिटेन में अगले साल होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को नहीं बुलाया जाएगा. यह एलान ब्रिटेन के पीएम एंडी बर्नम ने किया है. इससे वैश्विक संबंधों में कड़वाहट घुलने की आशंका जताई जा रही है.
रूस के खिलाफ पश्चिमी देशों की अदावत पुरानी रही है, लेकिन अब यह दुश्मनी नए लेवल पर पहुंचती नजर आ रही है. पश्चिमी खेमे के अहम देश ब्रिटेन ने अपने यहां अगले साल होने वाली G-20 समिट में रूस को न्योता न देने का एलान किया है. जबकि, रूस इस वैश्विक मंच का लंबे वक्त से अहम सदस्य रहा है. दिलचस्प बात ये है कि ब्रिटेन का वरिष्ठ सहयोगी मुल्क यूएस, इस साल दिसंबर में होने वाली G-20 समिट में रूस को बुला रहा है. उसने इसके लिए राष्ट्रपति पुतिन को न्योता भी भिजवा दिया है.
G20 समिट में पुतिन को नहीं बुलाएगा ब्रिटेन
द इकोनॉमिस्ट न्यूजपेपर के मुताबिक, गुरुवार को मीडिया ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम (Andy Burnham) से इस बारे में सवाल किया. एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या ब्रिटेन अगले साल मैनचेस्टर में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में पुतिन को आमंत्रित करेगा? इस पर एंडी बर्नम ने 'ना' में जवाब दिया. बर्नम के इस जवाब पर पीएम ऑफिस की ओर से बाद में कोई स्पष्टीकरण या बयान नहीं आया.
इसका अर्थ यही लगाया जा रहा है कि अगले साल ब्रिटेन में होने वाली G20 समिट में वह पुतिन को हिस्सेदारी नहीं करने देगा. ब्रिटेन का यह फैसला अब तक स्थापित जी-20 की परंपरा के खिलाफ माना जा रहा है. मौजूदा प्रथा के मुताबिक, जो भी देश शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है, वह सभी सदस्यों को उसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है. इस निमंत्रण में विभिन्न देशों के कड़वे संबंधों में दरकिनार किया जाता रहा है.
रूस के साथ संबंध खराब होने की आशंका
लेकिन अब ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नम इन सब परंपराओं को तोड़कर G20 को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं. उनके इस रुख से ब्रिटेन और रूस में कड़वाहट ज्यादा घुलने की आशंका जताई जा रही है.
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मजे की बात ये है कि एंडी बर्नम में यह घोषणा तब की है, जब ब्रिटेन का बड़ा भाई कहा जाने वाला यूएस इस साल मियामी में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में पुतिन को बुलाने जा रहा है. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो का कहना है कि पुतिन को बुलाकर ट्रंप प्रशासन वैश्विक मुद्दों पर बातचीत के लिए उन्हें एक मौका देना चाहता है.
रूस पर क्यों भड़का हुआ है ब्रिटेन?
रूस पर ब्रिटेन के भड़कने की वजह उसका यूक्रेन पर आक्रमण है. पिछले साढ़े चार साल से जारी इस जंग में अब तक दोनों पक्षों के हजारों सैनिक मारे जा चुके हैं और इससे कहीं ज्यादा घायल हुए हैं. ब्रिटेन समेत पश्चिम के अधिकतर देश इस जंग के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को जिम्मेदार मानते हैं. जबकि, रूस का कहना है कि यूक्रेन को नाटो खेमे में जाने से रोकने और अपनी सुरक्षा के लिए उसके खिलाफ मिलिट्री एक्शन करना उसके लिए मजबूरी बन गया था.
G20 की स्थापना कब और कैसे हुई थी?
बताते चलें कि G20 की स्थापना वर्ष 1999 में बर्लिन में हुई थी. उस वक्त इसमें 19 देश और यूरोपीय संघ (EU) शामिल थे. शुरुआत में इसने वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के एक मंच के रूप में काम किया. बाद में इसमें देशों के विदेश मंत्री और राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल होने लगे.
रूस शुरुआती समूह का हिस्सा नहीं था. वह इस संगठन में बाद में शामिल हुआ. उसने पहली बार वर्ष 2008 में वाशिंगटन में आयोजित जी-20 लीडर्स समिट में भाग लिया. इसके बाद से वह इस सम्मेलन में लगातार भाग लेता आ रहा है.