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मनमानी कर रहे ट्रंप: ‘कानून देखूंगा’... रूसी डीजल पर बड़ा बयान, लेकिन बैन हटाने पर चुप्पी

रूसी ईंधन के आयात पर अमेरिकी नीति को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने चौकाने वाला बयान दिया हैं. उन्होंने 2022 के प्रतिबंध संबंधी कानून की समीक्षा करने की बात कही है. यह मामला उस समय गरमाया जब अमेरिकी ट्रेजरी की मंजूरी के तहत रूसी डीजल से जुड़े कुछ लेनदेन की मंजूरी को लेकर सवाल खड़े हुए.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Nov 06, 2026, 02:29 PM IST | Updated: Nov 06, 2026, 02:50 PM IST
Image Credit: (AI)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिकी कानून पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वो इस मामले को जल्द देखेंगे. हालांकि रूसी डीजल लेनदेन को लेकर अपने प्रशासन की मंजूरी पर उठे विवाद के बीच उन्होंने अमेरिका की पॉलिसी में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया. एक रुटीन प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप को जब ये बताया कि कांग्रेस ने रूस से डीजल के आयात को प्रतिबंधित किया था, तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन ने 2022 में इस अधिकारिक आदेश पर साइन किए थे. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, 'शायद यही इसे काफी खराब कानून बनाता है. मैं इसे जरूर देखूंगा.'

रिपोर्टर ने याद दिलाया कानून

दरअसल ओवल ऑफिस में मौजूदगी के दौरान, एक रिपोर्टर ने अटलांटिक के पार रूसी डीजल ले जा रहे एक टैंकर के बारे में पूछा, जो कथित तौर पर अमेरिका जा रहा था और उसके कार्गो को उतारने पर कानूनी प्रतिबंध के बारे में सवाल किया.

ट्रंप ने पहले पूछा कि क्या यह प्रतिबंध जोन्स एक्ट के तहत आता है. रिपोर्टर ने साफ किया कि सवाल 2022 में बनाए गए कानून से जुड़ा है. उनके जवाब में कोई समय-सीमा, प्रस्तावित संशोधन या यह स्पष्टीकरण नहीं था कि प्रशासन अपनी डीजल मंजूरी को कानूनी आयात प्रतिबंध के साथ कैसे जोड़ेगा. हालांकि ट्रंप ने ये नहीं कहा कि प्रतिबंध हटा दिया गया है.

मनमानी कर रहे ट्रंप!

यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि ट्रेजरी ने करीब एक महीने पहले ही एक अलग मंजूरी जारी कर दी थी. 9 अक्टूबर को विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने जनरल लाइसेंस 135 जारी किया. यह रूस से जुड़े दो तरह के प्रतिबंध नियमों के तहत अन्यथा प्रतिबंधित लेनदेन को अधिकृत करता है, जब वे रूसी मूल के डीजल की बिक्री, डिलीवरी, उतराई या आयात से संबंधित हों.

इसमें अमेरिका में आयात को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है. यह मंजूरी 7 अप्रैल 2027 तक लागू रहेगी. यह रूस के केंद्रीय बैंक, राष्ट्रीय संपत्ति कोष या वित्त मंत्रालय द्वारा अमेरिकी वित्तीय संस्थानों में रखे गए खातों से डेबिट को बाहर रखता है. यह लाइसेंस डीजल से जुड़ा है और सभी रूसी पेट्रोलियम उत्पादों में व्यापार को सामान्य रूप से फिर से खोलने की घोषणा नहीं करता है.

हालांकि, 8 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षरित रूसी तेल के आयात को समाप्त करने वाला कानून, अमेरिकी टैरिफ अनुसूची के अध्याय 27 के तहत वर्गीकृत रूसी उत्पादों के आयात पर अलग से प्रतिबंध लगाता है.

कानून इस प्रतिबंध को समाप्त करने की प्रक्रिया बताता है. इसके लिए यूक्रेन द्वारा स्वीकृत रूसी वापसी और शत्रुता समाप्त करने के समझौते, नाटो सदस्यों के लिए तत्काल रूसी सैन्य खतरे की अनुपस्थिति और यूक्रेनियों के अपनी सरकार चुनने के अधिकार की मान्यता के बारे में राष्ट्रपति के प्रमाणन की आवश्यकता होती है.

इसके लिए संसद के उच्च सदन कांग्रेस की समितियों से पहले परामर्श की भी आवश्यकता होती है और प्रमाणन के बाद 90 दिनों की अवधि दी जाती है, जिसके बाद समाप्ति प्रभावी होती है, जब तक कि कांग्रेस अस्वीकृति का प्रस्ताव पारित न कर दे. ट्रेजरी लाइसेंस में इस कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने का दस्तावेज नहीं है.

ट्रंप की हालिया टिप्पणी से तीन दिन पहले, 2 नवंबर को न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने बंदरगाह और टर्मिनल संचालकों को लिखे पत्र में संघीय मंजूरी को चुनौती देते हुए कहा गया था कि 'रूस से तेल-गैस मंगाने के लिए ट्रंप प्रशासन की मंजूरी सीधे संघीय कानून के खिलाफ है.'

वहीं मिकी शेरिल ने तर्क दिया कि कानून ने कार्यपालिका को लाइसेंस के जरिए प्रतिबंध को माफ करने का व्यापक अधिकार नहीं दिया है. उन्होंने व्यवसायों को ईंधन स्वीकार करने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि न्यू जर्सी ऐसे आयातों का विरोध करने के लिए संविधान में मौजूद कानूनी विकल्पों और नियामक शक्तियों का इस्तेमाल करेगा.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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