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सूडान और दक्षिण सूडान की सीमा पर स्थित अबेई (Abyei) इलाके में ड्रोन से हमला हुआ है. इसी जगह को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है. इलाके में हुए ड्रोन हमले में कम से कम 153 लोगों की जान गई है. इस घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस ड्रोन हमले का निशाना बाजार के पास मौजूद एक फ्यूल डिपो बना. डिपो में फ्यूल होने के कारण उसमें भीषण आग लगी.
बताया जाता है कि मंगलवार को भी इस इलाके में आग धधकती रही. अबेई प्रशासन के कार्यवाहक सूचना मंत्री योहाना अकोल नगोर ने इस घटना पर अपना बयान दिया है. इस हमले के लिए उन्होंने सीधे तौर पर सूडान की सेना को जिम्मेदार ठहराया है. मंत्री ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) से फोन पर बात करते हुए कहा कि हमने अब तक 153 मौतों का आंकड़ा दर्ज किया है. उन्होंने यह भी कहा कि आग अभी भी जल रही है. इस कारण मृतकों की संख्या में इजाफा की आशंका है.
कार्यवाहक सूचना मंत्री योहाना अकोल नगोर ने कहा कि हमला सोमवार (19 अक्टूबर) सुबह 11 बजे के करीब हुआ था. बता दें कि इसी फ्यूल डिपो से स्थानीय कारोबारियों को ईंधन की आपूर्ति की जाती है. इसके ठीक इतर सूडान की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी अपना पक्ष रखा है. नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि सूडान की सेना ने सोमवार को यह ड्रोन हमला किया था. दक्षिण सूडान से आ रहे ईंधन के टैंकरों को निशाना बनाकर ये हमला किया गया था.
सूडान में ड्रोन अटैक में 153 लोगों की मौत, खतरनाक हुआ गृहयुद्ध अफ्रीकी देश सूडान और दक्षिणी सूडान के बीच विवादित क्षेत्र अबेई के एक बाज़ार पर ज़बरदस्त ड्रोन अटैक हुआ जिसमें कम से कम 153 लोगों के मारे जाने की खबर है। मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक अबेई के एमिएट बाजार में एक पेट्रोल पंप के पास ड्रोन से हमला हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि पूरे बाजार में आग फैल गई, ऊंची ऊंची लपटे उठने लगी और चारो तरफ भगदड़ मच गई। कई लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन ने सूडान की सेना पर ड्रोन अटैक का आरोप लगाया है। अबेई में सूचना मामलों के कार्यवाहक मंत्री, योहाना अकोल नगोर ने मंगलवार को बिना कोई सबूत दिए कहा कि इस हमले के लिए सूडान की सेना जिम्मेदार है। #Sudan #DroneAttack #Market #Abyei #ZeeNews
— Zee News (@ZeeNews) October 21, 2026
अधिकारियों ने दावा किया है कि इस हमले में मारे गए लोग आरएसएफ के सदस्य थे. वे लोग ईंधन की तस्करी से जुडे़ थे. अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि हम नागरिकों को निशाना नहीं बनाते हैं. सूडानी अधिकारी ने यह भी कहा कि यह हमला बिना सेना वाले क्षेत्र से बाहर किया गया था.
सूडान में हुए इस हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संस्था 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (MSF) ने भी जानकारी साझा की है. संस्था ने कहा कि 20 से अधिक घायल लोगों क अमेथ बेक अस्पताल में लाया गया था वहां उनका उपचार चल रहा है. वहीं, अस्पताल में एमएसएफ के अधिकारी डॉ. क्रिश्चियन लिंडाउर ने कहा कि मरीजों की हालत काफी गंभीर है और जलने वालों को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
उधर, दक्षिण सूडान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए सूडान की सेना को दोषी ठहराया है. मंत्रालय ने कहा कि बाजार में कई जगहों पर बम गिरे थे. इसमें आम नागरिकों की जान गई है और संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है. दक्षिण सूडान ने सूडान के राजदूत को बुलाकर इस हमले का विरोध जताया है.
बता दें कि अमिएत बाजार नगोक डिंका और मिसेरिया समुदायों के लिए एक व्यापार का केंद्र है. अबेई का यह इलाका तेल से भरपूर है. साल 2005 में शांति समझौते के बाद भी इसका विवाद नहीं सुलझ सका था. वहीं, साल 2011 में दक्षिण सूडान के आजाद होने के बाद भी यह मुद्दा बना रहा. यहां की नगोक डिंका आबादी कदक्षिण सूडान के साथ रहना चाहती है. वहीं, सूजान की सेना और आरएसएफ के बीच साल 2023 से बी युद्ध चल रहा है,जिसने इलाके में तबाही मचा रखी है. (इनपुट- एपी)