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चारों तरफ समंदर...6 भीमकाय व्हेलों ने पलट दी 52 फीट लंबी नाव, 17 घंटे तक मौत के जबड़े में फंसे 4 नाविक; कैसे बची जान?

दक्षिण प्रशांत महासागर के गहरे समंदर में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. आधा दर्जन भीमकाय व्हेलों ने 52 फीट की नौका को पलटा दिया. उस पर सवार 4 नाविकों ने 17 घंटे तक मौत के मुंह में रहकर जिंदगी की जंग लड़ी और सही-सलामत बच निकले. चलिए जानते हैं आखिर यह सब हुआ कैसे...

Written By Bhoopendra Rai
Published: Oct 01, 2026, 07:14 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 08:15 PM IST
Image Credit: गहरे समंदर में नाव से टकराई विशालकाय व्हेल (AI जनरेटेड फोटो)
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सोचिए आप गहरे समंदर में नाव पर हैं और अचानक एक व्हेल मछली आकर सीधे आपकी नाव से टकरा जाए... ठीक ऐसा ही कुछ साउथ पैसिफिक यानी दक्षिण प्रशांत महासागर में हुआ है. यहां एक भारी-भरकम स्पर्म व्हेल की टक्कर से 52 फीट की यॉट यानी एक बड़ी नाव देखते ही देखते समुद्र में समा गई. उस पर सवार 4 नाविकों ने लाइफ राफ्ट में कूदकर जान बचाई. वे करीब 17 घंटे तक समंदर के बीच मौत से जूझते रहे, बाद में उन्हें सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया.

यह खौफनाक घटना नॉरफॉक द्वीप से लगभग 250 समुद्री मील उत्तर में घटी. दोपहर को समुद्र शांत था. धूप खिली थी. तभी नाव से अचानक कुछ विशालकाय व्हेल टकरा गईं. टक्कर से नाव टूटकर डूबने लगी. किसी को कुछ भी समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. नाव पर सवार चारों लोगों ने डूबती नाव को छोड़ा और हवा वाली छोटी नाव (लाइफ राफ्ट) में कूद गए. गनीमत ये रही कि उन्होंने समय रहते इमरजेंसी सिग्नल भेज दिया था, जिसके चलते न्यूजीलैंड की रेस्क्यू टीम ने 17 घंटे बाद समंदर से चारों को सही-सलामत बचा लिया.

शांत समंदर में बिना चेतावनी के हुई टक्कर

दरअसल, इमरजेंसी टीम को अलर्ट मिला था कि ऑस्ट्रेलिया की एक नाव 'ताई ताम' किसी व्हेल से टकरा गई है और उसमें पानी भरने की वजह से वह डूब रही है. न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स (NZDF) की तरफ से बताया गया कि क्रू के मुताबिक दोपहर का वक्त था, मौसम बिल्कुल साफ और समंदर शांत था, तभी अचानक बिना किसी चेतावनी के यह जोरदार टक्कर हुई.

'नाव जितनी लंबी थीं व्हेल'

दुर्घटना के बाद नाव का स्टीयरिंग संभाल रहीं ऑस्ट्रेलियाई नाविक जेम्मा कूपर ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए कहा, 'अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, हमें तुरंत समझ आ गया कि किसी भारी चीज ने हमें टक्कर मारी है. टक्कर का झटका इतना जोरदार था कि मैं उछलकर बाईं तरफ (पोर्ट साइड) जा गिरी, बाहर देखा तो वहां करीब 6 व्हेल थीं. उनमें से एक-दो तो इतनी विशालकाय थीं, जितनी लंबी हमारी पूरी नाव थी.'

धमाके से उड़ी नींद

हादसे के वक्त जेम्मा के पति जेरेमी कूपर और उनके साथी टेरी हेथरिंगटन डेक के नीचे सो रहे थे. अचानक हुए धमाके ने दोनों की नींद उड़ा दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव का स्टीयरिंग सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका था. केबिन के अंदर तेजी से पानी भरने लगा. हालात बिगड़ते देख क्रू ने फौरन समझदारी दिखाई और बिना एक पल गंवाए 'Mayday' (इमरजेंसी कॉल) भेजा और अपने इमरजेंसी लोकेशन बीकन को ऑन कर दिया.

पानी फेंकने की कोशिश नाकाम

नाव में तेजी से पानी भरता देख क्रू ने बाल्टियों और पंप के जरिए उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन नाव इतनी बुरी तरह टूट चुकी थी कि वह लगातार डूबती चली गई. जब लगा कि अब नाव को बचाना नामुमकिन है, तो चारों नाविकों ने फौरन हवा से फूलने वाली लाइफ राफ्ट (हवा वाली रबर बोट) पानी में डाली और डूबती नाव को छोड़कर उस पर सवार हो गए.

17 घंटे बाद ऐसे बची चारों की जान

उधर जैसे ही इमरजेंसी सिग्नल मिला तो न्यूजीलैंड की बचाव टीमें फौरन एक्शन में आईं और समंदर के बीचों-बीच तैर रही उस छोटी सी लाइफ राफ्ट को ढूंढने के लिए रॉयल न्यूजीलैंड एयर फोर्स का P-8A पोसाइडन टोही विमान रवाना किया गया. विमान ने समंदर में राफ्ट की सही लोकेशन खोज निकाली. इसके बाद पास से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज (कार्गो शिप) की मदद से चारों नाविकों को सुरक्षित बाहर खींचा गया. राहत की बात यह रही कि 17 घंटे तक समंदर के बीच मौत से आंखें मिलाने के बाद भी किसी को एक खरोंच तक नहीं आई.

'तैयारी ही काम आई'

रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर के ऑपरेशंस मैनेजर माइक क्लूलो ने बताया, 'पूरी टीम ने गजब का तालमेल और समझदारी दिखाई. मैं न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स, ऑस्ट्रेलिया और न्यूमिया की रेस्क्यू टीमों का दिल से धन्यवाद करता हूं. साथ ही उस मालवाहक जहाज (एमवी सोफ्राना सुरविले) और प्राइवेट बोट का भी बहुत-बहुत शुक्रिया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर इन चारों को बाहर निकाला.'

उन्होंने आगे कहा, 'नाव पर सवार लोगों ने ऐन वक्त पर बिल्कुल सही कदम उठाए. खुले समंदर में व्हेल का टकराना बेहद बदकिस्मती थी, लेकिन उनकी तैयारी पूरी थी. उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी बीकन ऑन कर दिया, इसी वजह से आज चारों जिंदा हैं. यह घटना बताती है कि अगर समंदर में उतरते वक्त आपकी तैयारी पक्की है, तो जान बच ही जाती है.'

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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