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आतंकवादी संगठनों से संबंध और हमलों के आरोप: सऊदी अरब ने 5 अपने ही नागरिकों को दी फांसी

सऊदी अरब में आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने और घातक हमलों में शामिल रहने के आरोप में 5 नागरिकों को फांसी दे दी गई है. पढ़ें सऊदी गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट और मामले की पूरी जानकारी.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 17, 2026, 05:38 PM IST | Updated: Oct 17, 2026, 06:23 PM IST
Image Credit: इसके पहले मक्का की मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य के मामले में दो बांग्लादेशियों को फांसी दी गई थी
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सऊदी अरब ने आतंकवाद से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराए गए अपने पांच नागरिकों को फांसी दे दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शनिवार को इन लोगों को मौत की सजा दी गई. आरोपियों पर आतंकवादी घोषित किए गए एक विदेशी संगठन में शामिल होने, सुरक्षा बलों पर हमला करने और सऊदी अरब के भीतर हमलों का समर्थन करने के आरोप थे. हालांकि, पांचों नागरिकों की पहचान और उनके कथित आतंकी संबंधों को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.

इसके पहले इस सप्ताह की शुरुआत में सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को भी फांसी दी गई थी. दोनों को मक्का की एक मस्जिद में अनैतिक कृत्य करने के मामले में दोषी ठहराया गया था. गल्फ न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, फांसी पाने वालों की पहचान नजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर और सिटी अख्तर के रूप में हुई है. दोनों को दोषी ठहराए जाने के बाद इस्लामी कानून के तहत ताजीर के प्रावधानों के अंतर्गत सजा सुनाई गई थी.

बांग्लादेश को पहले नहीं दी गई थी सूचना

रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश ने दावा किया है कि उसे दोनों नागरिकों को फांसी दिए जाने से पहले इसकी जानकारी नहीं दी गई थी. बांग्लादेश के समाचार पत्र द डेली स्टार के अनुसार, जेद्दा स्थित बांग्लादेश के महावाणिज्य दूतावास ने इस मामले में सऊदी अधिकारियों से औपचारिक पुष्टि मांगी है. फिलहाल, सऊदी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है.

इन नागरिकों को ठहराया गया दोषी 

जिन पांच लोगों को फांसी दी गई उनके नाम हैं- मोहम्मद बिन मुनीर बिन मोहम्मद अल जाहिर, अली बिन अब्दुरब अल हुसैन अल शेख, हसन बिन ज़की बिन मोहम्मद अल फराज, रेदा बिन मोहम्मद बिन अली अल अबू अब्दुल्ला और अली बिन हसन बिन अहमद अल रभ. इन सभी लोगों पर किसी विदेशी आतंकवादी संगठन से जुड़ने, हथियारों और बमों से सुरक्षा बलों, सुरक्षा मुख्यालयों और वाहनों पर गोलीबारी करने, हथियार रखने तथा देश के भीतर आतंकवादी गतिविधियों को वित्तपोषित करने और समर्थन देने का आरोप था. लोअर कोर्ट में फांसी की सजा के बाद वहां की सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा है.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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