SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

कभी भगवद्गीता तो कभी Victory Sword... पुतिन को कौन-कौन से खास तोहफे मिले?

कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को भगवद्गीता और तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण दिया, तो कभी किम जोंग उन ने दुर्लभ पुंगसान कुत्ते. जानिए पुतिन को दुनिया के नेताओं से मिले अनोखे तोहफों की पूरी कहानी और इनके पीछे छिपे सांस्कृतिक व कूटनीतिक संदेश.

Written By Shivam Tiwari
Published: Sep 12, 2026, 12:08 PM IST | Updated: Sep 12, 2026, 12:13 PM IST
Join

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दुनियाभर के नेताओं की ओर से कई ऐसे उपहार मिल चुके हैं, जो अपनी खासियत और प्रतीकात्मक महत्व के कारण चर्चा में रहे हैं. इन तोहफों में भारतीय दार्शनिक ग्रंथ, दुर्लभ नस्ल के कुत्ते, घोड़ा, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्र, कुक्कू घड़ी, दमिश्क स्टील की तलवार और यहां तक कि एयर डिफेंस मिसाइल कवर के टुकड़े पर बनी पेंटिंग शामिल है.

ये उपहार सिर्फ व्यक्तिगत शिष्टाचार नहीं, बल्कि देशों के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंधों की झलक भी देते हैं.

मोदी ने पुतिन को क्या गिफ्ट दिए?

नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में संस्करण भेंट किया. तिरुक्कुरल प्राचीन तमिल साहित्य की महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें नैतिकता, सदाचार, सामाजिक जीवन और शासन से जुड़े विचार मिलते हैं. इसका रूसी अनुवाद उपहार में देना भारतीय साहित्य और दर्शन को रूस तक पहुंचाने का एक सांस्कृतिक संकेत माना जा सकता है.

भगवद्गीता का गिफ्ट कब मिला था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले पुतिन को भगवद्गीता का रूसी अनुवाद भी भेंट कर चुके हैं. भगवद्गीता भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण ग्रंथ है. किसी विदेशी नेता को इसका अनुवादित संस्करण देना भारत की सांस्कृतिक विरासत को साझा करने के साथ दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की ओर भी संकेत करता है.

पुतिन को कुत्ता किसने दिया

पुतिन को मिले खास उपहारों में कुत्तों का भी अलग स्थान है. वर्ष 2000 में सर्गेई शोइगु ने उन्हें कोनी नाम का लैब्राडोर दिया था. इसके बाद भी पुतिन को अलग-अलग देशों और नेताओं से कुत्ते मिलते रहे. ऐसे उपहार व्यक्तिगत पसंद के साथ-साथ दोस्ती और विश्वास के प्रतीक के तौर पर भी देखे जाते हैं.

किम जोंग उन ने 2024 में क्या गिफ्ट दिया

2024 में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पुतिन को दो दुर्लभ पुंगसान कुत्ते भेंट किए. पुंगसान कोरिया की पारंपरिक शिकार नस्ल है. यह उपहार उस समय खास रहा, क्योंकि रूस और उत्तर कोरिया के संबंधों में भी नजदीकी देखने को मिली थी. किसी देश की पारंपरिक नस्ल का जानवर उपहार में देना उसके सांस्कृतिक महत्व को भी सामने लाता है.

किर्गिस्तान से क्या मिला?

2019 में किर्गिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव ने पुतिन को एक ओर्लोव ट्रॉटर घोड़ा और शेरखान नाम का किर्गिज ग्रेहाउंड पिल्ला दिया था. घोड़े और शिकारी कुत्ते मध्य एशियाई परंपराओं से जुड़े रहे हैं. इसलिए यह उपहार केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति की झलक भी देता है.

मर्केल ने क्या तोहफा दिया?

जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल ने पुतिन को जर्मनी के हेराल्डिक ईगल की आकृति वाली कुक्कू घड़ी भेंट की थी. कुक्कू घड़ी जर्मन शिल्प और पारंपरिक संस्कृति से जुड़ी मानी जाती है. इस तरह के उपहारों में अक्सर देने वाले देश की पहचान और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है.

अर्जेंटीना ने क्या दिया?

अर्जेंटीना की पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टीना किर्चनर ने पुतिन को बैंडोनियन भेंट किया था. यह अर्जेंटीना के पारंपरिक टैंगो संगीत का प्रमुख वाद्ययंत्र है. किसी देश के लोकप्रिय संगीत से जुड़े वाद्ययंत्र को उपहार में देना सांस्कृतिक कूटनीति का एक दिलचस्प उदाहरण माना जा सकता है.

Victory Sword किसने दी?

2016 में बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा ने पुतिन को Victory Sword भेंट की थी. यह दमिश्क स्टील से बनी थी और इसकी मूठ तथा म्यान को कीमती धातुओं से तैयार किया गया था. तलवार ऐतिहासिक रूप से शक्ति, सम्मान और सैन्य परंपरा का प्रतीक रही है, इसलिए यह उपहार भी विशेष प्रतीकात्मक महत्व रखता था.

बेलगोरोद की पेंटिंग में क्या संदेश था?

2025 में बेलगोरोद के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लादकोव ने पुतिन को स्थानीय कलाकार अनास्तासिया लिसिच की बनाई एक पेंटिंग भेंट की. इसे S-400 एयर डिफेंस मिसाइल कवर के एक टुकड़े पर बनाया गया था. पेंटिंग में क्षतिग्रस्त इमारत के सामने एक लड़की और कुत्ते को दिखाया गया था. इसके साथ संदेश लिखा था, “Belgorod will not surrender”. इस उपहार में स्थानीय परिस्थितियों और प्रतिरोध की भावना को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया.

पुतिन को मिले इन अलग-अलग उपहारों की खासियत यह है कि इनमें हर एक के पीछे कोई न कोई सांस्कृतिक, ऐतिहासिक या राजनीतिक संदर्भ जुड़ा है. भगवद्गीता और तिरुक्कुरल भारत की दार्शनिक विरासत को दर्शाते हैं, पुंगसान कुत्ते कोरियाई संस्कृति से जुड़े हैं, बैंडोनियन अर्जेंटीना की संगीत परंपरा को सामने लाता है और Victory Sword शक्ति व सम्मान का प्रतीक है. इस तरह कूटनीतिक उपहार कई बार देशों के रिश्तों को व्यक्त करने का एक अनौपचारिक लेकिन प्रभावशाली माध्यम बन जाते हैं.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

शिवम तिवारी, जी न्यूज में डिजिटल कंटेंट राइटर हैं और पत्रकारिता में करीब 2 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं. यूपी के प्रयागराज के रहने वाले शिवम ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है. खबरों की नब्ज पकड़कर उन्हें आसान और साफ भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. शिवम शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों पर खास फोकस रखते हैं. इनमें स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षाएं, प्रवेश परीक्षाएं, सरकारी नौकरियां, रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स, करेंट अफेयर्स और जनरल नॉलेज जैसे टॉपिक्स शामिल हैं.इसके अलावा शिवम, टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स और करियर काउंसलर्स की सलाह के आधार पर कंटेंट तैयार करते हैं. ये IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT और CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर गहराई से काम करते हैं और छात्रों के लिए उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराते हैं. शिवम तिवारीर से संपर्क करने के लिए आप उन्हें shivam.tiwari@india.com पर ईमेल कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES