गरीबी से ब्राजील के राष्ट्रपति तक: फैक्ट्री में की मजदूरी, अब चौथी बार संभालेंगे देश की कमान; कैसा रहा लूला का राजनीतिक सफर?
Lula Brazil President: लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ब्राजील में चौथी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं. गरीब परिवार में जन्में लूला के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था. जूता पॉलिश करने, मजदूर बनने और फिर ब्राजील के राष्ट्रपति बनने तक ऐसा रहा है उनका करियर.
Lula Wins Brazil Election: ब्राजील में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत चुके हैं. उन्होंने अपने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लेवियो बोलसोनारो को हराया है, जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजदीकी रिश्ते बनाने का वादा किया था. इस जीत के साथ लूला ने अपने राजनीतिक करियर को और आगे बढ़ाया है. इससे पहले वह 3 अलग-अलग चुनाव में ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं.
रविवार ( 25 अक्टूबर 2026) को ब्राजील में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में काफी अफरा-तफरी रही. दोपहर के आसपास लूला के चुनाव अभियान दल ने वोटिंग का समय बढ़ाने की मांग की. उनका तर्क था कि कुछ स्थानीय सरकारों ने बस सर्विस कम कर दी है, जिससे वोटर्स के लिए पोलिंग स्टेशन तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. बोलसोनारो ने भी कुछ राज्यों में भारी बारिश का हवाला देते हुए वोटिंग का समय बढ़ाने की मांग की. समय बढ़ाने के इस फैसले ने लूला की जीत पर भी कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं.
'लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटिंग जरूरी...'
ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद लूला ने कहा,' हम लोगों को यह समझाने में कामयाब रहे कि ब्राजील में लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदान करना बेहद जरूरी है. हमने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बाहरी दखल को नाकाम कर दिया. ब्राजील किसी की जागीर नहीं है. हम देश चलाने के तरीके को बदलेंगे और लोगों को फैसले लेने की प्रक्रिया में और ज्यादा शामिल करेंगे.'
मजदूर से नेता तक का सफर
लूला का जन्म 27 अक्टूबर साल 1945 को ब्राजील के पर्नाम्बुको में हुआ था. बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने के चलते लूला 10 साल की उम्र तक पढ़-लिख नहीं पाए और बचपन में ही मूंगफली बेचने-जूता पॉलिश करने का काम करने लगे. उन्होंने 14 साल की उम्र में स्कूल छोड़ एक फैक्ट्री में मेटलवर्क का काम शुरू किया. यहीं पर काम करते हुए उन्होंने पॉलिटिक्स में हिस्सा लेना शुरू किया.
साल 1975 तक लूला धातु कामगारों के यूनियन चीफ बने और 1970-80 के दशक में उन्होंने ब्राजील के मिलिट्री शासन के खिलाफ कई बड़ी हड़तालों को आयोजित करने में मदद की. साल 1980 में उन्हें उन्हें हड़तालों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर 1 महीने तक जेल में रखा गया.
बिना जड़ों से भटके पाई मंजिल
लूला ने अपनी रिहाई के बाद वर्कर्स पार्टी की स्थापना की, जो ब्राजील के इतिहास में पहली प्रमुख समाजवादी पार्टी थी. इसमें ट्रेड यूनियंस, इंटलेक्चुअल्स और ऐसे एक्टिविस्ट्स को साथ लाया गया, जो ब्राजील में पावर स्ट्रक्चर को बदलने का मजबूत संकल्प रखते थे. लूला ने राष्ट्रपति पद के लिए 3 बार चुनाव लड़ा, लेकिन लगातार मिली हार के बाद उन्हें आखिरकार साल 2002 में चुना गया. वह ब्राजील के पहले श्रमिक वर्ग के राष्ट्रपति बने.
'BBC' की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व विदेश मंत्री सेल्सो अमोरिम ने कहा था कि लूला की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालना था. उन्होंने 30-40 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकाला. उन्होंने कहा,' ब्राजील के लोग लूला से इसलिए जुड़ाव महसूस करते हैं क्योंकि वह उन्हीं में से एक हैं, जो गरीब इलाकों से आए फिर धातुकर्मी बने और फिर राष्ट्रपति पद तक पहुंचे वो भी बिना अपनी जड़ों से भटके.'
भ्रष्टाचार के आरोपों ने बिगाड़ा खेल
लूला पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे. साल 2017 में उन्हें एक कंस्ट्रक्शन कंपनी से राजनीतिक लाभ के बदले एक अपार्टमेंट स्वीकार करने के आरोपों के लिए तकरीबन 10 साल की सजा सुनाई गई, जिसे साल 2018 में बढ़ाकर 12 साल कर दिया गया. हालांकि, उन्हें दोषी ठहराने वाले जज के उनके खिलाफ पक्षपाती होने के चलते 580 दिनों बाद लूला को रिहा कर दिया गया.
जल्द लूला पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के सबसे बड़े आलोचकों में से एक बन गए और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें मामूली अंतर से हराया. साल 2024 में पदभार संभालने के 2 साल बाद लूला ने स्वीकार किया कि उनके प्रशासन ने अब तक अपने वोटर्स का समर्थन हासिल करने के लिए बेहद कम प्रयास किए हैं.
सबसे उम्रदराज राष्ट्रपतियों में से एक लूला
लूला ने पहले दौर में हार के बाद अपने अभियान को नए सिरे से संगठित किया, युवा वोटर्स को लुभाने की कोशिश की, लाखों ब्राजीलियाई लोगों को डेमोक्रेटिक मूल्यों और अपनी विरासत की रक्षा के लिए सड़कों पर उतारा, बोलसोनारो प्रशासन के फिर से सत्ता में आने का डर पैदा किया और कई सरकारी पहलों को बढ़ावा दिया.
लूला ने ब्राजील की संप्रभुता का भी बचाव किया और इस बात पर जोर दिया कि बोलसोनारो के राष्ट्रपति बनने से अमेरिका को ब्राजील पर कंट्रोल स्थापित करने का मौका मिलेगा. इसी के साथ वह इस साल राष्ट्रपति का चुनाव जीतने में कामयाब रहे. 80 साल के लूला अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं.