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हजारों फीट की ऊंचाई पर अचानक फट गया विमान का फ्यूल टैंक! हादसे में 6 लोगों की मौत, एक घायल

हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया है. इस हादसे के पीछे फ्यूल टैंक फटने की आशंका जताई जा रही है. इस दर्दनाक दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है. घटना की पूरी जानकारी और लाइव अपडेट्स पढ़ें.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Sep 29, 2026, 07:08 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 07:29 PM IST
Image Credit: हजारों फीट की ऊंचाई पर अचानक फट गया विमान का फ्यूल टैंक! हादसे में 6 लोगों की मौत, एक घायल
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रूस के अमूर क्षेत्र में सेना का एक फाइटर जेट Tu-154 अचानक क्रैश हो गया. हजारों फीट की ऊंचाई पर हुए इस हादसे में विमान में सवार 7 लोगों में से 6 की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल है. यह जानकारी UNN ने Baza Telegram चैनल के हवाले से दी है.

प्लेन क्रैश की ये दुर्घटना रूस के अमूर क्षेत्र के क्रास्नोयारोवो गांव के पास हुई. इस विमान हादसे की जानकारी मिलते ही राहत एवं बचाव और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और फाइटर जेट में लगी आग को बुझाने का काम शुरू किया. वहीं राहत एवं बचाव टीम ने हादसे में घायल एकमात्र शख्स को इलाज के लिए अस्पताल भेजा. रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त Tu-154 विमान 'उक्राइंका' एयर ग्रुप का था. हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच शुरू कर दी गई है.

ईंधन में विस्फोट की आशंका

Baza की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह फाइटर जेट फ्यूल टैंक में आग लगने की वजह से ये जेट क्रैश हुआ. हालांकि, इस जेट के क्रैश होने की असली वजह इस पूरे हादसे की जांच होने के बाद ही सामने आएगी.

कैसा होता है Tu-154 फाइटर जेट?

Tu-154 सोवियत-एरा का तीन इंजन वाला जेट एयरलाइनर है जो 1970 के दशक का है. नागरिक विमानन कंपनियों द्वारा इसे सेवा से हटाने के काफी समय बाद भी, रूस की सेना अभी भी इसका इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट और सरकारी उड़ानों के लिए करती है.

अब बंद हो चुका था इस फाइटर जेट का उपयोग?

अब Tu-154 का व्यावसायिक इस्तेमाल लगभग बंद हो चुका है. हालांकि, इसके कुछ विमान अभी भी सरकारी और सैन्य कामों में इस्तेमाल किए जाते हैं. रूस का रक्षा मंत्रालय और दूसरी सरकारी एजेंसियां इसके अलग-अलग मॉडल का इस्तेमाल अपने कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए करती हैं. कुछ विमानों में बदलाव करके उन्हें खास मिशन के लिए भी तैयार किया गया है. रूसी सेना की 223वीं फ्लाइट स्क्वाड्रन भी परिवहन के लिए Tu-154 का इस्तेमाल करती रही है.

हादसों से भी जुड़ा रहा इतिहास

Tu-154 का इतिहास कई बड़े हादसों से भी जुड़ा रहा है. दिसंबर 2016 में रूस के रक्षा मंत्रालय का एक Tu-154 सोची से उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद काला सागर में गिर गया था. इस हादसे में विमान में सवार सभी 92 लोगों की मौत हो गई थी. इसी विमान में रूसी सैन्यकर्मी, पत्रकार और अलेक्जेंड्रोव एन्सेंबल के सदस्य सवार थे. ये सभी सीरिया जा रहे थे.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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