होर्मुज की खाड़ी में बारूदी हमला: 27 भारतीय क्रू मेंबर्स वाले ऑयल टैंकर पर चिपकाए चुंबक बम! क्या फिर ठप होगी तेल सप्लाई?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लिम्पेट माइंस से एक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ है. इस जहाज में 27 भारतीय सवार थे. लिम्पेट माइंस को चुंबक बम के नाम से भी जाना जाता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले एक ऑयल टैंकर पर लिम्पेट माइन्स से हमला किया गया. इस टैंकर पर 27 इंडियन क्रू मेंबर्स सवार थे. रॉयटर्स के मुताबिक, एक छोटी नाव से 'MT लुईस 1' को निशाना बनाया गया और उसके हल पर दो लिम्पेट माइन्स लगा दी गईं. लिम्पेट माइंस को 'चुंबक बम' भी कहा जाता है.
इसके बाद हुए विस्फोटों से इंजन रूम में आग लग गई और जहाज कुछ समय के लिए बेकार हो गया. हालांकि, क्रू मेंबर्स ने आग बुझा दी और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. इसके बाद टैंकर अपने आगे के सफर पर निकल गया. फरवरी में जंग शुरू होने के बाद से इस समुद्री रास्ते में लिम्पेट माइन्स के इस्तेमाल की यह पहली सफल घटना है. लिम्पेट माइंस एक छोटे साइज वाले विस्फोटक उपकरण होते हैं. इनको जहाज के बाहरी हिस्से पर चुंबक के जरिए लगाया जा सकता है.
कहां हुई यह घटना?
ब्रिटिश नौसेना की एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया कि यह घटना ओमान के खसाब से 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक,इस इलाके में पहली बार 2017 में लिम्पेट माइन्स का इस्तेमाल किया गया था, और उसके बाद के वर्षों में होर्मुज में टैंकरों के खिलाफ इनका इस्तेमाल किया जाता रहा है. ग्रीस स्थित समुद्री जोखिम प्रबंधन समूह 'मैरिस्क' ने कहा कि लिम्पेट माइन्स सस्ती और आसानी से मौजूद हैं.
उन्होंने रॉयटर्स को बताया,'एक छोटी नाव के जरिए चलते हुए जहाजों के ढांचे पर इन माइन्स को लगाना एक सस्ता, कम तकनीक वाला और बहुत प्रभावी तरीका है.'
'MT अर्जानाह' पर प्रोजेक्टाइल से हमला
इससे एक दिन पहले, लाइबेरिया के झंडे वाले एक बहुत बड़े कच्चे तेल के टैंकर (VLCC), 'MT अर्जानाह' पर भी इसी समुद्री रास्ते में प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था. इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे. होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की यह सबसे ताजी घटना है.फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद से इन हमलों में तेजी आई है.
ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते में अपने ट्रांजिट बैन का उल्लंघन करने के आरोप में जहाजों को निशाना बनाया है. इसका मकसद होर्मुज पर अपना कंट्रोल दिखाना और अमेरिका पर दबाव डालना है.
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक बयान में कहा कि सभी नाविक सेफ हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है.
उन्होंने X पर कहा,'हम लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और अपने क्रू मेंबर्स की सिक्योरिटी और भलाई के लिए शिप मैनेजमेंट कंपनियों के साथ कॉर्डिनेट कर रहे हैं.'