)
Türkiye and Pakistan to Send Troops and Weaponry to Saudi Arabia: यमन के हूती विद्रोही समूह पिछले कई दिनों से सऊदी अरब को लगातार ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बना रहे हैं. इससे सऊदी अरब को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. संघर्ष की इस स्थिति में मक्का डिफेंस पैक्ट के बावजूद तुर्किये और पाकिस्तान दूर-दूर खड़े होकर बयानबाजी कर रहे थे. जिसके चलते सुन्नी इस्लामिक दुनिया में उनकी आलोचना हो रही थी. अब सऊदी अरब के लगातार दबाव डालने पर दोनों मुल्क हूतियों के खिलाफ संघर्ष में उसका साथ देने पर सहमत हो गए हैं. पाकिस्तान और तुर्किये ने सऊदी अरब में सैन्य तैनाती करने और हथियार भेजने पर सहमति जताई है.
वहीं हूतियों ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अरामको रिफाइनरी और सऊदी अरब में कई दूसरी जगहों पर हमले किए हैं. वहीं, यमन में सऊदी की अगुआई वाले गठबंधन ने कहा कि उन्होंने रेड सी (लाल सागर) के तट पर हूतियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया है. सोमवार शाम को लड़ाई बढ़ने के साथ ही जोरदार धमाकों से रियाद दहल उठा. हूती प्रवक्ता ने कहा कि उनके समूह ने सऊदी राजधानी के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अरामको रिफाइनरी और देश के दक्षिणी हिस्से में मौजूद अन्य ठिकानों पर हमला किया है.
यमन की सेना ने कहा कि उसने 1,000 से ज्यादा हमले किए और हूतियों के कब्जे वाली राजधानी सना के खिलाफ एक बड़ा हमला शुरू किया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहे सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि सुबह-सुबह 100 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और हमले किए.
यह फैसला सोमवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मक्का डिफेंस पैक्ट की राजनीतिक- रक्षा रणनीतिक समिति ने आपात बैठक में लिया. इस बैठक में तीनों देशों के आला अधिकारी मौजूद थे. तीनों मुल्कों ने क्षेत्र में बढ़ रहे सुरक्षा खतरे और सऊदी अरब साम्राज्य पर बढ़ रहे हमलों पर चर्चा की. इस बैठक के बाद सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान अल सऊद ने पोस्ट कर बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, 'मक्का रक्षा गठबंधन के तहत तीनों मुल्कों की रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की आपात बैठक हुई. इस बैठक में सऊदी किंगडम और पवित्र स्थलों के खिलाफ घृणित हमलों का मुकाबला करने पर एकजुटता जाहिर की गई. समिति ने इन हमलों और उनके लिए जिम्मेदार लोगों को दंड देने के लिए सामूहिक प्रतिरोध उपायों को सक्रिय करने पर सहमति व्यक्त की.'
इसके साथ ही मक्का पैक्ट की ओर संयुक्त बयान भी जारी किया गया. जिसमें बताया गया कि तीनों मुल्कों ने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप से अमल में लाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करने का फैसला किया है. इसके लिए पाकिस्तान और तुर्किये ने अपने सैनिकों के साथ हथियारों को भी सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए तेजी से तैनात करने पर सहमति जाहिर की है.
बयान में कहा गया है कि हथियारों और सैनिकों की यह तैनाती सदस्य राज्यों के राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार होगी. इसका मकसद तीनों देशों की सैन्य तत्परता बढ़ाना, सैन्य बलों का एकीकरण और खतरों का सामना करने के लिए तीनों देशों की सामूहिक क्षमता को बढ़ाना है.
बैठक में मक्का डिफेंस पैक्ट के तहत बनने वाले सचिवालय के लिए पाकिस्तान सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नुमान महमूद की महासचिव पद पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई. उनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा. इसके बाद नया महासचिव बनाया जाएगा.
तीनों देशों ने हूती विद्रोहियों पर मक्का और मदीना के पवित्र शहरों को कथित रूप से निशाना बनाने के कड़ी आलोचना की. साथ ही, सऊदी अरब के शहरों, नागरिक सुविधाओं और आर्थिक प्रतिष्ठानों पर अटैक की भी निंदी. बयान में कहा कि सऊदी अरब राजतंत्र की सुरक्षा के लिए तीनों देश मिल-जुलकर काम करेंगे.
बैठक में तीनों देशों ने इस बात की पुष्टि की कि प्रत्येक सदस्य मुल्क की सुरक्षा तीनों राज्यों की सामूहिक सुरक्षा का अहम आधार है. इस मुद्दे पर कोई ढील नहीं दी जा सकती. कुल मिलाकर यह बैठक अब मक्का डिफेंस पैक्ट को अगले चरण की ओर ले जाती दिख रही है. अगर तुर्किये और पाकिस्तान की सहायता से सऊदी अरब हूती विद्रोहियों को कुचलने में सफल हो जाता है तो निश्चित रूप से इससे पाकिस्तान का हौसला बढ़ेगा.
इससे वह भारत के खिलाफ कोई बड़ा आतंकी हमला करने के लिए प्रेरित हो सकता है. उसे इस बात का गुमान रहेगा कि अगर भारत ने उस पर पलटवार किया तो वह मक्का डिफेंस पैक्ट के प्रावधान लागू कर तुर्किये और सऊदी अरब से मदद मांग सकता है. वहीं हूतियों के खिलाफ कार्रवाई से तुर्किये का भी हौसला बढ़ सकता है. वह भी सऊदी और पाकिस्तानी सहायता के बल पर ग्रीस, आर्मेनिया या साइप्रस के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई का कदम उठा सकता है. ऐसे में सभी देशों की नजर अब सऊदी अरब में होने अगली गतिविधियों पर लगी हुई हैं.
(एजेंसी एएनआई)