North Korea Missile Launch: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर साउथ कोरिया की नाक में दम करना शुरू कर दिया है. उसने अपने पूर्वी समुद्री इलाके की तरफ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. इसकी जानकारी साउथ कोरियन आर्मी की ओर से दी गई. बता दें कि प्योंगयांग पहले से ही अपने हथियारों के परीक्षण में तेजी ला रहा है. ऐसे में लगातार नए-नए मिसाइलों की लॉन्चिंग ने तनाव बढ़ने का खतरा बढ़ा दिया है.
साउथ कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, मिसाइलें नॉर्थ कोरिया की कैपिटल प्योंगयांग के आसपास के क्षेत्रों से लॉन्च की गई थीं. प्योंगयांग की इस उकसाने वाली हरकत से साउथ कोरियाई सेना हाई अलर्ट पर हैं. बता दें कि इससे कुछ दिन पहले ही साउथ कोरिया ने भी अपनी स्वदेशी हाइपरसॉनिक मिसाइल का फ्लाइट टेस्ट किया था. इस परीक्षण के बाद जापान ने भी चिंता जताई है. जापानी अधिकारियों के मुताबिक, ये मिसाइलें जापान के खास आर्थिक क्षेत्रों से बाहर समुद्र में गिरी.
साउथ कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग क्षेत्र से देश के पूर्वी समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिनमें से एक मिसाइल ने 900 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की. साउथ कोरियाई मिलिट्री ऑफिसर्स का मानना है कि यह लॉन्च हाल ही में साउथ कोरिया की ओर से किए गए पहले हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण के जवाब में ताकत दिखाने का प्रयास है.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ऑफिस ने प्योंगयांग के इन लगातार मिसाइल परीक्षणों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया और इसे तुरंत रोकने की मांग की है. बढ़ते तनाव के चलते साउथ कोरिया और जापान दोनों ही इस घटना पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. बता दें कि सीमा पर हालिया लैंडमाइन विस्फोट और कैदियों से जुड़े कूटनीतिक विवादों के चलते दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव गहराया हुआ है.
नॉर्थ कोरिया ने ये कदम ऐसे वक्त पर उठाया है, जब साउथ कोरिया ने बीते 9 अक्टूबर 2026 को अपनी पहली इंडीजीनस हाइपरसोनिक मिसाइल का फ्लाइट टेस्ट किया था. इस मिसाइल को साउंड की स्पीस से कम से कम 5 गुना तेज उड़ने और अपने दुश्मन की मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देने की अनोखी क्षमता के साथ डेवलप किया गया है. साउथ कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस परीक्षण को अपने देश की ट्रेडीशनल डिफेंस क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बेहद अहम उपलब्धि बताई है. कोरियाई प्रायद्वीप में लगातार हो रहे इन परीक्षणों ने क्षेत्र में शांति की स्थिति पर चुनौती खड़ी कर दी है.