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Israel Election: इजरायल में राष्ट्रयी चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है. साल 1988 के बाद यहां पहली बार बंपर वोटिंग देखने को मिली है. खासतौर से 7 अक्टूबर 2023 को नोवा फेस्टिवल में हुए हमले, गाजा-लेबनान पर IDF की कार्रवाई और ईरान संघर्ष के बाद से यह चुनाव इजरायली नागरिकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. चुनाव के बाद सामने आए एग्जिट पोल में फिलहाल किसी को भी बहुमत नहीं मिला है.
इजरायल के मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पॉलिटिकल करियर इस चुनाव के साथ दांव पर लगा हुआ है. इस बार उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और IDF के पूर्व हेड गादी आइजेनकोट जैसे बड़े चेहरे मैदान में उतरे हैं. हमास पर इजरायल की कार्रवाई, गाजा एक्शन, नेशनल सिक्योरिटी, न्यायिक सुधार और मिलिट्री सर्विस इस साल राष्ट्रीय चुनाव के बड़े मुद्दे बने हुए हैं.
'टाइम्स ऑफ इजरायल' के एग्जिट पोल के मुताबिक, इस चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट दोनों ही नेता स्पष्ट जीत से दूर नजर आ रहे हैं. धड़ाधड़ वोटिंग होने के बावजूद ताजा अनुमानों में नेतन्याहू के गठबंधन को बढ़त तो मिली है, लेकिन वे बहुमत से काफी दूर दिखाई दे रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 'चैनल 14' के ताजा पोल में नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गुट की सीटें 62 से घटकर 60 रह गई हैं. इसी पोल में यह भी अनुमान लगाया गया है कि विपक्षी पार्टी 'यिसरायल बेतेनु' अब न्यूनतम वोट सीमा पार कर लेगी, जबकि पहले कहा गया था कि वह ऐसा नहीं कर पाएगी. 'चैनल 14' के अनुसार, नेतन्याहू के विरोधी जायोनी दलों के पास कुल 43 सीटें हैं, जबकि बाकी 17 सीटें अरब दलों के पास हैं.
इजरायल के 'चैनल 12' के मुताबिक, पिछली संसद में 68 सीटों वाली प्रधानमंत्री के गुट की सीटें घटकर 52 रह सकती हैं. वहीं, आइजेनकोट के गुट को 49 सीटें मिलने का अनुमान है. इसके अलावा संकेत मिल रहा है कि अरब पार्टियों को अबतक का सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सकता है.

इजरायली इलेक्शन के लिए अगले 48 घंटों में अंतिम नतीजे आने की उम्मीद है, लेकिन गठबंधन बनाने में कई दिन या हफ्ते लग सकते हैं. इजरायल में सीटें बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी होता है.
सामने आए एग्जिट पोल के बाद नेतन्याहू ने यरुशलम में लिकुड पार्टी के इलेक्शन हेडक्वार्टर में अपने भाषण के दौरान 7 अक्टूबर 2023 को हमास की ओर से किए गए आतंकी हमले के बाद गए युद्धों में इजरायल की उपलब्धि का जिक्र किया. उन्होंने कहा,' ईरान पहले से कहीं ज्यादा कमजोर हो गया है और इजरायल पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है.' उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर इजरायल ईरानी खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर देगा. उन्होंने अपनी पार्टी लिकुड के कार्यकर्ताओं और सांसदों को धन्यवाद देते हुए कहा कि हम अभी भी असली नतीजों का इंतजार कर रहे हैं.