PAK में फिर फटा महंगाई का ‘बम’, LPG सिलेंडर 3296 रुपये के पार; जबकि भारत में सिर्फ ₹942, जानें कैसे कर पा रहा ये चमत्कार?
Comparison of Inflation in Pakistan and India: पाकिस्तान में एक बार फिर महंगाई का ‘बम’ फटा है. वहां पर LPG सिलेंडर के दाम 3296 के पार पहुंच गए हैं. जबकि भारत में इसके दाम महज 942 रुपये हैं. आखिर दोनों में इतना बड़ा अंतर क्यों है.
Comparison of Prices of Essential Commodities in Pakistan and India: पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बार फिर महंगाई का बम फूटा है. वहां पर एलपीजी के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. जिसके बाद आम जनता कराह उठी है. तेल और गैस नियामक प्राधिकरण ने अक्टूबर महीने के लिए एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी की है. ओजीआरए की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, एलपीजी की कीमत में 20.68 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है. आम जनता के लिए बिकने वाले 11.8 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कुल 244.14 रुपये की वृद्धि हुई है. इसके बाद वहां पर घरेलू एलपीजी की नई कीमत 3,296.23 रुपये हो गई है. इसके चलते वहां पर आम आदमी की रसोई का बजट चरमरा गया है.
पेट्रोल-डीजल के दाम ने तोड़ी कमर
पाकिस्तान में केवल एलपीजी ही नहीं, तमाम मोर्चों पर हालात जटिल बने हुए हैं. वहां पर पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतें लगभग 386 से 400 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के आसपास चल रही हैं. तेल की महंगाई और घरेलू मुद्रा की कमजोरी की वजह से वहां गाड़ियों का संचालन आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है.
इस महंगाई ने लोगों के मुंह से निवाला भी छीन लिया है. पाकिस्तान में गेहूं और आटे के दाम आसमान छू रहे हैं. वहां पर आटे की औसत खुदरा कीमत करीब 130 से 150 रुपये प्रति किलो चल रही है. अगर आप 10 किलो का पैकेट लेते हैं तो इसके लिए आपको करीब 2650 रुपये चुकाने होंगे.
लोगों के लिए 'कड़वी' हो गई चीनी!
पाकिस्तान में चीनी की कीमतें भी रिकॉर्ड उछाल पर हैं. वहां पर चीनी की खुदरा कीमत करीब 160 रुपये प्रति किलो चल रही है. जमाखोरों पर नकेल कसने के बावजूद वहां चीनी के दाम नीचे नहीं आ पा रहे हैं.
हालांकि पाकिस्तान बासमती चावल का एक बड़ा निर्यातक है. इसके बावजूद, लोगों को चावल खाने काफी महंगे पड़ रहे हैं. वहां पर टूटे बासमती या सामान्य चावल का औसत मूल्य लगभग करीब 215 से 250 रुपये प्रति किलो के बीच झूल रहा है.य यानी दस किलो चावल का कट्टा आपको 2500 रुपये में पड़ेगा.
पाकिस्तान की तुलना में भारत के हाल
अब पाकिस्तान की तुलना भारत की महंगाई से करते हैं तो आप खुद को काफी सुकून में पाएंगे. ईरान और यूक्रेन युद्ध की वजह से वैश्विक सप्लाई लाइन डिस्टर्ब होने के बावजूद भारत में कीमतें तुलनात्मक रूप से काफी स्थिर और नियंत्रण में हैं. भारत में 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर महज 942 रुपये में लोगों को मिल रहा है. जो पाकिस्तान के मुकाबले करीब एक तिहाई कीमत ही बनती है.
भारत में खुले और ब्रांडेड आटे की औसत कीमत लगभग 38 से 62 रुपये प्रति किलो के बीच है. वहीं सामान्य चावल की औसत खुदरा कीमत लगभग 46 से 50 रुपये प्रति किलो है. चीनी की बात करें तो उसका औसत खुदरा मूल्य लगभग 56 रुपये प्रति किलो चल रहा है. देश में पेट्रोल-डीजल के दाम भी लगभग 100 रुपये प्रति लीटर बने हुए हैं, जो पाकिस्तान के मुकाबले काफी कम है.
महंगाई को कैसे कंट्रोल कर पा रहा है भारत?
भारत में लोगों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने समय-समय पर एक्साइज ड्यूटी में संतुलन बनाया है., जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम एक निश्चित दायरे में बने हुए हैं. इसके साथ ही, देशभर में बने सरकारी अनाज गोदामों की वजह से खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे कीमतें काफी हद तक नियंत्रित रहती हैं.
भारत खुद भारत दुनिया का प्रमुख चीनी उत्पादक है, जो हर साल लाखों टन चीनी का उत्पादन करता है. इनमें से काफी चीनी वह स्टोर करके रखता है, जिसे संकट के समय में यूज किया जाता है. यही स्टोरेज चीनी के दाम कंट्रोल करने में काम आता है. में होने के कारण घरेलू बाजार में इसके दाम नियंत्रित रखता है. भारत में कृषि उत्पादों के दाम बढ़े हैं, इसके बावजूद सरकार की बफर स्टॉक नीतियों के चलते मूलभूत खाद्यान्न आज भी सस्ती दरों पर लोगों को उपलब्ध हैं.