सऊदी अरब पर हूतियों का बड़ा हमला! रियाद-दम्माम एयरपोर्ट से मक्का-मदीना तक मिसाइलें, कई हमले नाकाम
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के बड़े हमले से खलबली मच गई है. हूती लड़ाकों ने रियाध और दम्मम एयरपोर्ट्स समेत तेल कंपनी अरामको के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. जानिए इस हमले से जुड़ी पूरी खबर और ताजा अपडेट.
सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. हाल ही में, यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने शनिवार को सऊदी अरब के कई अहम तेल ठिकानों, हवाई अड्डों और एक एयरबेस को अपने हमलों का निशाना बनाया. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही घंटे पहले सऊदी नीत गठबंधन सेना ने दागी गईं दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया था. साथ ही बताया गया है कि मिसाइलों का मलब पवित्र शहर मक्का-मदीना तक भी गया है.
सऊदी अरब के सैन्य, ऊर्जा और आम नागरिकों के ठिकानों पर इन दिनों हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है. अक्टूबर की शुरुआत में हुए हमलों में कई बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है. खासकर 10 अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि खुद सऊदी अधिकारियों ने की थी.
तेल संयंत्रों और हवाई अड्डों को बनाया गया निशाना
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने शनिवार को जानकारी दी कि उनके निशाने पर ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशन, यानबू स्थित सऊदी अरामको की एक फैसिलिटी और राबीघ ऑयल रिफाइनरी शामिल थीं. इसके अलावा, विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नजरान एयरपोर्ट और खमीस मुशैत स्थित एक एयरबेस पर भी ड्रोन और मिसाइलें दागने का दावा किया है.
सऊदी अधिकारियों ने दावे की कोई पुष्टि नहीं की
हालांकि, हूती विद्रोहियों के इन ताजा दावों पर सऊदी अधिकारियों की तरफ से तुरंत कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है. इससे पहले शनिवार को ही सऊदी गठबंधन ने ताफि और यानबू की ओर बढ़ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया था. इस खतरे को देखते हुए सऊदी नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) ने तािफ और यानबू के साथ-साथ मक्का और जेद्दा के नागरिकों के लिए भी चेतावनी जारी की थी. गनीमत रही कि करीब 10 मिनट बाद ही खतरे को टला हुआ घोषित कर दिया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली.
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अक्टूबर में हमलों की बढ़ती रफ्तार और जानमाल का नुकसान
पिछले कुछ हफ्तों से सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों पर हमलों की बाढ़ आ गई है. दो दिन पहले ही हूती विद्रोहियों ने रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय, यानबू में अरामको की सुविधाओं और दम्माम के एयरपोर्ट पर हमले का दावा किया था. सऊदी अधिकारियों ने दम्माम में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि तो की, लेकिन रियाद और यानबू के हमलों पर चुप्पी साधे रखी.
10 अक्टूबर को हुआ था किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला
इसी महीने 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले ने तो जैसे कोहराम मचा दिया था. उस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 309 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. मरने वालों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे, जिससे इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज सुनाई दी थी. इस हफ्ते एयरपोर्ट पर यह तीसरा हमला था. हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को पहले ही चेतावनी दी थी कि वे सऊदी एयरस्पेस का इस्तेमाल करने से बचें, हालांकि उन्होंने मक्का और जेद्दा के एयरस्पेस को इससे बाहर रखा था.
एयर इंडिया ने जारी की एडवाइजरी
एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्री, जिन्होंने रियाद और दम्माम सेक्टर के लिए 24 अक्टूबर 2026 या उससे पहले बुकिंग की है और जिनकी मूल यात्रा तिथि 7 नवंबर 2026 तक है, वे 21 नवंबर 2026 तक की यात्रा के लिए, सऊदी अरब, बहरीन या भारत में एयर इंडिया एक्सप्रेस के किसी भी चालू स्टेशन से एक बार मुफ्त रीबुकिंग का लाभ उठा सकते हैं. इसी तरह, जेद्दा सेक्टर के लिए 24 अक्टूबर 2026 या उससे पहले बुकिंग करने वाले यात्री, जिनकी मूल यात्रा तिथि 31 अक्टूबर 2026 तक है, वे भी 14 नवंबर 2026 तक की यात्रा के लिए, सऊदी अरब, बहरीन या भारत में एयर इंडिया एक्सप्रेस के किसी भी चालू स्टेशन से एक बार मुफ्त रीबुकिंग का लाभ उठा सकते हैं.
हमारी टीमें हमारे कॉन्टैक्ट सेंटर्स (एयर इंडिया: +91 11 69329333 / +91 11 69329999; एयर इंडिया एक्सप्रेस: +91 124 6935600) और सिटी बुकिंग ऑफिस के माध्यम से रीबुकिंग और रिफंड के अनुरोधों में यात्रियों की सहायता के लिए उपलब्ध हैं
शांति समझौते पर विराम और नया क्षेत्रीय तनाव
इस ताजा और हिंसक टकराव ने उस शांति को पूरी तरह तोड़ दिया है जो साल 2002 के संयुक्त राष्ट्र (UN) समर्थित संघर्ष विराम (Truce) के बाद से बनी हुई थी. उस समझौते ने काफी हद तक सीमा पार होने वाले हमलों पर रोक लगा दी थी. आपको बता दें कि सऊदी नीत गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूती विद्रोहियों का नियंत्रण यमन की राजधानी सना पर है. इस नए घटनाक्रम और सैन्य escalation ने क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा को एक बार फिर से बेहद संवेदनशील मोड़ पर ला खड़ा कर दिया है.
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