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कॉकपिट में कट्टरपंथी: गिरफ्तारी के बाद किसने हम्मामी के लिंक्डइन से पोस्ट किए वीडियो? सामने आया अलकायदा कनेक्शन

फ्लाईदुबई फ्लाइट में कोहराम मचाने वाले को-पायलट का नाम हमाम-अल-हम्मामी है. उसके अलकायदा से संबंध बताए जा रहे हैं. साथ ही वह इजरायल से नफरत करता था और फिलिस्तीन की आजादी का समर्थक था.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 03, 2026, 08:46 AM IST | Updated: Oct 03, 2026, 11:49 AM IST
Image Credit: फ्लाईदुबई वाली घटना में अब चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
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दुबई से इजरायल के तेल अवीव आ रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हमला और चाकूबाजी करने वाले को-पायलट की पहचान हो गई है. इस को-पायलट का नाम है हमाम अल-हम्मामी. वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन में उसे 'कट्टरपंथी सोच' को लेकर चिंता जताए जाने के बाद नौकरी से हटा दिया गया था.

इजरायली मीडिया ने बताया कि वह ओमान में नहीं, संयुक्त अरब अमीरात में पैदा हुआ था. उसके पिता ओमानी और मां सीरिया से हैं. CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान के इस को-पायलट ने अपनी जिंदगी के कई साल UAE में बिताए हैं.को-पायलट के अतीत के बारे में पता चलने से एविएशन में भर्ती के दौरान बैकग्राउंड चेक की अहमियत को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं.

कैसे ओमानी पायलट बना क्रू का हिस्सा?

रिपोर्ट्स में इस बात को लेकर टेंशन जताई गई है कि कैसे एक ओमानी नागरिक को तेल अवीव तक फ्लाइट उड़ाने की जिम्मेदारी दी गई. जबकि इजरायल और ओमान के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं. ओमान ने इजरायल को मान्यता भी नहीं दी है.

इजरायली अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि कई इजरायली एजेंसियां जैसे शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री इस बात की जांच कर रहे हैं कि कैसे एक ओमानी पायलट क्रू का हिस्सा बन गया.

फिलिस्तीनी ग्रुप के मिले पर्चे

इससे पहले, i24 न्यूज ने एक अमीराती सोर्स के हवाले से बताया था कि ओमानी को-पायलट के सामान में फिलिस्तीन की आजादी वाले ग्रुप्स के पर्चे और पब्लिकेशन, साथ ही फिलिस्तीन के सपोर्ट वाला सामान मिला था.

i24 न्यूज के मुताबिक, पायलट ने बार-बार फिलिस्तीन के लिए आजादी का समर्थन और इजरायल के प्रति दुश्मनी जताई थी.  इस बीच, 'द जेरूसलम पोस्ट' ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से खबर दी कि ओमान के को-पायलट के पास कोई दूसरी नागरिकता नहीं थी.

लिंक्डइन प्रोफाइल में नहीं है फ्लाईदुबई का जिक्र

हम्मामी की लिंक्डइन प्रोफाइल में बताया गया था कि उसने ओमान एयर में सात साल काम किया और फरवरी 2025 में रिजाइन कर दिया. इसके बाद जून 2025 में रॉयल एयर मारोक से जुड़ा और जनवरी 2026 में वहां से चला गया. दिलचस्प बात यह है कि उस पेज पर फ्लाईदुबई में उनके काम करने का कोई जिक्र नहीं था. हालांकि, एक सूत्र ने CNN को बताया वह प्रोफाइल उसी की थी. लेकिन, बाद में उसे हटा दिया गया.

ये बातें ऐसे वक्त पर सामने आईं, जब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हमें शक है कि संदिग्ध को 'इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा' की ट्रेनिंग दी गई थी. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि हम्मामी ने फ्लाईदुबई के लिए सिर्फ आठ महीने काम किया था. वहीं, एक चौथे सूत्र ने बताया कि कथित हमलावर ने पहले रॉयल एयर मारोक के लिए काम किया था.

घटना के 9 घंटे बाद पब्लिश हुए वीडियो

फ्लाईदुबई ने कहा कि जब तक जांच चल रही है, वह इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता. लिंक्डइन प्रोफाइल पर सिर्फ दो पोस्ट किए गए थे. दोनों ही बुधवार को घटना के लगभग नौ घंटे बाद, एक के बाद एक तुरंत पब्लिश किए गए थे. यह साफ नहीं है कि पोस्ट किसने पब्लिश किए या क्या उन्हें पहले से शेड्यूल किया गया था.

पहली पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट के कॉकपिट में शूट किए गए कई क्लिप्स थे. यह बताना जरूरी है कि बुधवार की घटना में जिस एयरक्राफ्ट को सऊदी अरब की ओर डायवर्ट किया गया था, वह फ्लाईदुबई का 737 मैक्स 8 था. वीडियो बनाने वाले शख्स ने इजरायली एयरलाइन 'एल अल' (El Al) के एक प्लेन पर जूम किया था.

CNN के अनुसार, वीडियो में कॉकपिट की स्क्रीन पर फ्लाइट नंबर- OMA624 और तारीख, 11 अक्टूबर 2023 दिखाई दे रही थी. यह फ्लाइट नंबर आम तौर पर दुबई से मस्कट जाने वाली फ्लाइट का है, और तारीख उस समय से मेल खाती है जब वह ओमान एयर में काम करता था. अन्य क्लिप्स में 'एल अल' (El Al) के और भी विमान दिख रहे हैं, साथ ही एक विमान 'आर्किया' (Arkia) का भी है, जो एक और इजरायली एयरलाइन है.

को-पायलट का अलकायदा कनेक्शन?

चिंता की बात यह थी कि अयमान अल-जवाहिरी और अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीर के साथ वीडियो खत्म होता है. जवाहिरी ने ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल-कायदा की कमान संभाली थी. वहीं बलावी ने 2009 में एक आत्मघाती बम हमले में सात अमेरिकी CIA अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों समेत नौ लोगों की जान ली थी और वह अल-कायदा का वफादार था.

वहीं, दूसरी पोस्ट में AI से बनी एक तस्वीर दिखाई गई थी जिसमें इस्लाम के तीन सबसे पवित्र स्थलों- मक्का, मदीना और यरूशलम को एक लगातार चमकती हुई लकीर से जुड़ा हुआ दिखाया गया था. पोस्ट में बैकग्राउंड में सुनाई देने वाली एक विद्रोही कविता में अपमान को ठुकराने, मौत से न डरने और अपनी गरिमा की रक्षा करने की बात कही गई है. हमामी के लिंक्डइन पेज से पता चला कि उसने इंग्लैंड की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी.

वही दो वीडियो उसी समय एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पोस्ट किए गए थे, जिसका नाम और तस्वीरें वही थीं. बाद में उस अकाउंट को भी डिलीट कर दिया गया. ओमान के को-पायलट की ऑनलाइन गतिविधियों की भी UAE और इजरायल के अधिकारी जांच कर रहे हैं. 

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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