बेल्जियम में हिंसा: महंगाई-बजट कटौती के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
Belgium Violent Protest: फ्रांस के बाद अब बेल्जियम में भी लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं. यहां लोग सरकार के बजट कटौती को लेकर ब्रुसेल्स में विरोध प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान हिंसक झड़प भी हुई.
Belgium Protest: बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में शुक्रवार ( 9 अक्टूबर 2026) को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए. यहां महंगाई और सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुआ. इस दौरान कुछ नकाबपोश लोगों ने शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हमला किया.
'ब्रुसेल्स मॉर्निंग डॉटकॉम' की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में इस प्रदर्शन में 13 नाबालिगों समेत 100 से ज्यादा अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन में 30,000 लोग शामिल रहे. इसमें शामिल छात्र और ट्रेड यूनियन ब्रुसेल्स में पब्लिक एक्सपेंस, पेंशन और घरेलू वित्त को प्रभावित करने वाले सरकारी प्रस्तावों का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए.
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
प्रदर्शन के बीच ब्रुसेल्स सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास हिंसा शुरू हुई. यहां कुछ मास्क पहने लोगों ने पुलिस ऑफिसर्स पर सामान फेंकना शुरू कर दिया था. वहीं, ब्रुसेल्स मिडी स्टेशन के आसपास भी उपद्रवियों ने साइकिलों और इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगा दी. इस दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया. प्रदर्शन के समय आसपास गुजरने वाले लोगों को भी मुश्किल का सामना करना पड़ा.
किस बात से नाराज जनता?
'ब्रुसेल्स मॉर्निंग डॉटकॉम' की रिपोर्ट के मुताबिक, बेल्जियम में प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की संघीय सरकार के बजट कटौती के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. FGTB/ABVV और CSC/SV जैसे बेल्जियम के प्रमुख ट्रेड यूनियन संगठनों ने सरकारी खर्च में कटौती और मजदूरों के परिवारों को इनसे होने वाली परेशानियों पर चिंता जताई है. श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने तर्क दिया है कि बजट सुधारों से पर्जेजिंग पावर, पब्लिक सर्विस और कमजोर परिवारों की रक्षा होनी चाहिए. वहीं, सरकार का कहना है कि बेल्जियम के वित्तीय दबावों और बढ़ते कर्ज से निपटने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी है.
छात्रों ने भी किया प्रदर्शन
ब्रुसेल्स में हुए विरोध प्रदर्शन से रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है. इससे शहर ट्रैफिक जाम की समस्या भी देखने को मिली. पुलिस की ओर से हिंसक भीड़ को कंट्रोल करने के चलते सड़कों में आवागमन पर कठिनाई आई. बेल्जियम में यह प्रदर्शन ऐसे समय पर हुआ है, जब यहां के लीज शहर में पहले से ही छात्रों और पुलिस के बीच झड़प को लेकर तनाव बना हुआ है. इस दौरान सार्वजनिक जगहों और दुकानों पर तोड़फोड़ की गई, जिसके चलते अधिकारियों ने सार्वजनिक सभाओं पर बैन लगा दिया. लीज में हिंसक प्रदर्शन को लेकर 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्कार किया गया है. यहां कई पुलिसकर्मी भी घायल हैं.