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बांग्लादेश में ICT के फैसले पर भड़की आवामी लीग, 7 नेताओं की मौत की सजा को बताया मनगढ़ंत

Awami League On ICT Verdict: बांग्लादेश में आवामी लीग ने इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ( ICT) के उस फैसले की आलोचना की है, जिसमें पार्टी के नेताओं को मौत की सजा सुनाई गई है. इस नेताओं को जुलाई 2024 के विद्रोह में मानवता के खिलाफ अपराधों में दोषी बताया गया था.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 16, 2026, 02:36 PM IST | Updated: Sep 16, 2026, 02:40 PM IST
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Bangladesh News: बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग ने इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ( ICT) के उस उस फैसले को एकतरफा, पक्षपातपूर्ण और मनगढ़ंत बताया है, जिसमें पार्टी के 7 नेताओं और  कार्यकर्ताओं को मौत की सजा सुनाई है. बांग्लादेशी लोकल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ICT ने मंगलवार ( 15 सितंबर 2026) को अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और पार्टी व उससे जुड़े संगठनों के 6 कई सीनियर लीडर्स को जुलाई 2024 विद्रोह से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई.      

अवामी लीग ने आरोप लगाया कि यह तथाकथित फैसला राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए न्यायपालिका के हथियार के तौर पर इस्तेमाल का ताजा उदाहरण है. इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जिन लोगों के खिलाफ फैसला सुनाया गया, उनमें से कोई भी ट्रिब्यूनल के सामने मौजूद नहीं था. पार्टी ने कहा,' अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक कानून का एक बुनियादी नियम यह है कि आरोपी की गैर-मौजूदगी में होने वाली सुनवाई में भी कम से कम कानूनी सुरक्षा (जिसमें आरोपी को अपनी पसंद का वकील चुनने का अधिकार भी शामिल है) की गारंटी दी जानी चाहिए. हालांकि, मौजूदा ट्रिब्यूनल में इन गारंटियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है.'

ICT के फैसले को बताया मनगढ़ंत 


पार्टी के अनुसार, पूरी न्यायिक प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून और अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक कानून के बुनियादी और सर्वमान्य सिद्धांतों की पूरी तरह से अनदेखी की गई. इससे कानून के शासन के बजाय बिना सजा के अपराध करने की छूट और राजनीतिक बदले की भावना को बढ़ावा मिला है. पार्टी ने कहा कि न केवल फैसला, बल्कि 5 अगस्त 2024 के बाद से ICT की सभी गतिविधियां अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार की आलोचना करते हुए पार्टी ने कहा कि अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक अंतरिम शासन ने कानून और संवैधानिक प्रक्रिया का पूरी तरह उल्लंघन करते हुए अध्यादेश के जरिए 1973 के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल एक्ट में संशोधन किया.  इससे पूरी कानूनी प्रक्रिया अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से की जाने वाली न्यायिक हत्या योजना में बदल गई.

पार्टी से बदला लिया जा रहा? 


पार्टी ने आगे कहा,' राजनीतिक बदला लेने के लिए, मोहम्मद यूनुस की गैर-कानूनी सरकार ने अभियोजन और न्यायिक पैनल बनाए, जिनमें जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे। इन पैनलों ने पूरी तरह से झूठ पर आधारित बांग्लादेश अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई बेबुनियाद और गैर-कानूनी मामले दर्ज किए.' पार्टी ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मौत की सजा से बड़े पैमाने पर हत्याओं का दो साल पुराना सिलसिला और भड़केगा, जिसमें पहले ही सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. साथ ही, इससे मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लेने की घटनाएं भी बढ़ेंगी, जिसके कारण पहले ही हजारों लोग जेल में हैं.

बांग्लादेशी अधिकारियों पर आरोप 


पार्टी ने बांग्लादेशी अधिकारियों पर जुलाई-अगस्त 2024 के प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा और मौत के मामले में दिखावटी मुकदमे की आड़ में हिरासत में लगातार हत्याओं और अन्य बेरहम कदम उठाने का आरोप लगाया. अवामी लीग ने कहा,' यह ताजा दिखावटी फैसला देश के लोकतंत्र के लिए एक और झटका है. यह जुलाई-अगस्त की हिंसा के पीड़ितों और नागरिकों के लिए एक साफ संकेत है कि उनसे न्याय पाने का अधिकार पूरी तरह छीन लिया गया है. जमीनी स्तर पर हजारों कार्यकर्ताओं के घरों और कारोबारों को बिना किसी रोक-टोक के लूटा और तोड़ा-फोड़ा गया है.'

मुकदमे को बताया दिखावटी


पार्टी ने आगे कहा,' मुकदमे की शुरुआत से पहले न्यायपालिका में बड़े पैमाने पर बदलाव, वकीलों पर लगातार भीड़ का हमला और अदालत परिसर के अंदर जारी उत्पीड़न के शिकार लोगों पर शारीरिक हमले इस दिखावटी मुकदमे के साफ सबूत हैं.' पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ICT ने इस्लामी चरमपंथियों का हौसला खतरनाक हद तक बढ़ा दिया है, पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश में सैकड़ों दोषी और खतरनाक उग्रवादियों (जिनमें आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े लोग भी शामिल हैं) को जमानत दे दी गई है और उन्होंने इस देश को दुनिया की एक खतरनाक जगह बना दिया है. (इनपुट- IANS) 

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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