SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

ऑर्डर आउट, सहम उठा व्हाइट हाउस: ईरान के 'आतंकी हमले' की आशंका के बाद हड़कंप, US ने कई देशों से बुलाए राजनयिक

ईरान की ओर से अमेरिकी राजनयिकों को निशाना बनाए जाने की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद अमेरिका सतर्क हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाशिंगटन ने पश्चिम एशिया के कई देशों में अपने राजनयिकों की संख्या को बहुत सीमित कर दिया है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 25, 2026, 06:59 AM IST | Updated: Oct 25, 2026, 07:10 AM IST
Image Credit: ईरान के निशाने पर अमेरिकी राजनयिक!
Join

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपने राजनयिकों की संख्या बहुत सीमित करते हुए कई देशों से अपने राजनयिकों को वापस बुला लिया है. उसने यह कदम खुफिया एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के बाद उठाया है. दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने को इनपुट मिला है कि पश्चिम एशियाई देशों में ईरान की ओर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की ओर से पश्चिमी एशियाई देशों में अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिशों को काफी बढ़ा दिया गया है. इस इनपुट के बाद वाशिंगटन ने रातों-रात इस क्षेत्र में अपने लोगों की संख्या बहुत सीमित कर दी है. उसके इस कदम से माना जा रहा है कि अब ईरान पर फिर से बड़ा अटैक किया जा सकता है.

खुफिया रिपोर्ट से सहमा अमेरिका?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अपने 4 प्रमुख दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या घटाने का डिसीजन लिया है. इनमें जॉर्डन, लेबनान, कतर और यूएई शामिल हैं. ये चारों दूतावास अब कड़े सुरक्षा नियमों और पाबंदियों (रिस्ट्रिक्टेड ऑपरेशंस) के साए में काम करेंगे.

उधर, अमेरिका को यह भी आशंका है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के अलावा कई अन्य देशों पर भी हमला कर सकते हैं. इस खतरे को देखते हुए भी अमेरिका ने इन देशों से बड़ी संख्या में अपने राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुला लिया है. 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया है कि अमेरिका ने खाड़ी के किसी भी देश से अपने राजनयिकों को वापस बुलाने का आदेश जारी नहीं किया है. 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि केवल सऊदी अरब में मौजूद उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वहां से वापस आने का आदेश दिया है, जो आपातकालीन सेवाओं से नहीं जुड़े हैं.

अमेरिकी न्यूज चैनल का दावा

हालांकि, एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने दावा किया है कि अमेरिका की ओर से खाड़ी देशों में अपने राजनयिकों की संख्या को सीमित किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कई अमेरिकी राजनयिक मिशन प्रमुखों से कहा गया है कि वे अब पश्चिम एशियाई देशों में कम कर्मचारियों के साथ काम करेंगे. 

कुछ तो बड़ा प्लान कर रहे ट्रंप

अमेरिका प्रशासन के इस कदम को ईरान पर बड़े हमले की प्लानिंग के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी संघर्ष विराम की संभावनाओं से इनकार कर चुके हैं. उन्होंने साफ कहा था कि बहुत जल्द कुछ न कुछ होगा.

ये भी पढ़ें- ईरान कुछ बड़ा करने की तैयारी में? US खुफिया एजेंसी की चेतावनी, विदेशों में अमेरिकी कर्मियों पर हमले का खतरा

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES