रियाद एयरपोर्ट पर हमले में 10 भारतीय घायल, 1 की मौत! अस्पताल में चल रहा इलाज, हूतियों ने शनिवार को किया था अटैक
Saudi Arabia-Houthi Rebels Tension News: सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हमले में घायल हुए 300 लोगों में 11 भारतीय भी शामिल हैं. उन घायल भारतीयों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और भारतीय दूतावास उनके ट्रीटमेंट पर नजर रख रहा है.
Saudi Arabia-Houthi Rebels Conflict Update: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार को एयरपोर्ट पर हुए हमले में 300 लोग घायल हुए थे. उन घायलों में 11 भारतीय भी शामिल हैं. उन 11 घायलों में से एक की मौत हो गई है. इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए हूतियों के हमले की कड़ी आलोचना की है. रियाद में भारतीय दूतावास ने कहा कि घायल भारतीयों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. साथ ही मौजूदा हालात पर नजर रखी जा रही है.
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट लिखकर कहा, 'हमारा दूतावास शनिवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए उस कायराना हमले पर नज़र रखे हुए है, जिसमें दुर्भाग्य से 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हो गए.'
हूतियों के हमले में 11 भारतीय घायल
दूतावास ने आगे लिखा, 'पता चला है कि हमले में घायल हुए लोगों में 11 भारतीय भी शामिल हैं. दूतावास उनकी खैर-ख़बर जानने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. हमारे अधिकारी अस्पताल के अधिकारियों के भी संपर्क में हैं. जैसे ही और जानकारी मिलेगी, हम उसे साझा करेंगे.'
बताते चलें कि सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच में इन दिनों घमासान मचा हुआ है. हूती विद्रोही शिया इस्लाम को फॉलो करते हैं, जबकि सऊदी अरब सुन्नी वर्ल्ड का अगुवा है. यमन में एक तिहाई आबादी शिया मुस्लिमों की है. इनमें सऊदी अरब यमन की सु्न्नी सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूती विद्रोही उसे उखाड़ फेंक देना चाहते हैं.
रियाद पर लगातार हमले दाग रहे हूती विद्रोही
यमन की सरकार के फेवर में सऊदी अरब अपने नेतृत्व में सैन्य गठबंधन करके हूतियों पर लगातार हमले कर रहा था. अब पिछले कुछ अर्से से हूती विद्रोही भी सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दाग रहे हैं. उसके हमले इतने घातक हैं कि सऊदी अरब भौंचक्का है. उसे समझ ही नहीं आ रहा है कि वह हूतियों के हमले से खुद को कैसे बचाए.
पाकिस्तान और तुर्किये ने भी दिया सऊदी को धोखा!
उसने तुर्किये और पाकिस्तान के साथ मिलकर मक्का डिफेंस पैक्ट भी किया लेकिन यह दांव भी उसके कोई काम नहीं आया है. दोनों ने सऊदी की जमीन पर अपने सैनिक उतारने से साफ इनकार कर दिया है. इसके बजाय तकनीकी सहायता और हथियारों से मदद देने का आश्वासन जरूर दिया, जिसे महज बहाना ही माना जा रहा है.