)
Gangotri Gaumukh Trek Accident: उत्तराखंड में कुदरत का मिजाज और दुर्गम पहाड़ी रास्ते एक बार फिर ट्रैकर्स के लिए काल साबित हो रहे हैं. गंगोत्री-गौमुख पैदल मार्ग पर संवेदनशील 'कच्चीढांग स्लाइड जोन' के पास महाराष्ट्र से आए पर्यटकों के दल के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया है. गौमुख ट्रैक पर चीड़बासा से करीब दो किलोमीटर आगे कच्चीढांग के समीप अचानक पैर फिसलने से 63 वर्षीय बुजुर्ग पर्यटक राम कुमार हनुमान गुप्ता का पैर फिसल गया. जिससे वह लगभग 130 मीटर गहरी खाई को पार करते हुए उफान मारती नदी के तेज बहाव में बह गए.
बेटे के सामने घटी खौफनाक घटना
गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट से मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र निवासी रामकुमार हनुमान गुप्ता बीते शुक्रवार को अपने बेटे विशाल राम कुमार, साथी दीपक छोटेलाल, शिवसेवक मोतीलाल और निखिल सुरेश के साथ गौमुख ट्रैक के लिए रवाना हुए थे. दोपहर बाद लगभग 12 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद कच्चीढांग के पास यह हादसा हुआ. बुजुर्ग के नदी में गिरते ही चीख-पुकार मच गई. साथी पर्यटकों और उनके बेटे ने काफी तलाश की, लेकिन सफलता न मिलने पर वे देर शाम वापस लौटे और कनखू बैरियर पर वन विभाग व पुलिस को घटना की जानकारी दी.
SDRF का सर्च ऑपरेशन, बर्फबारी बनी रुकावट
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत व बचाव कार्य शुरू किया. शनिवार सुबह टीम ने मौके पर पहुंचकर चीड़वासा, देवगढ़ खाले और राम मंदिर तक खोजबीन की. सर्चिंग के दौरान टीम को पहाड़ी के बीच से लापता पर्यटक का पर्स, पैसे और कुछ सामान बरामद हुआ, जिसे परिजनों को सौंप दिया गया है. हालांकि, उफनती नदी, लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आईं.
अब तक लापता पर्यटक का नहीं मिला सुराग
फिलहाल, लापता पर्यटक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. देवगढ़ खाले और आसपास के इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खराब मौसम में हिमालयी ट्रैकिंग कितनी जोखिम भरी हो सकती है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वे अपने बुजुर्ग की सलामती की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे हैं. वह जल्द से जल्द अपने बुजुर्ग को सकुशल देखना चाहते हैं.