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उत्तराखंड में चुनावी मोड में कांग्रेस: सड़क से सदन तक घेरने की तैयारी, मचा सियासी घमासान

उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा सड़क से सदन तक सरकार को घेरने का पूरा प्लान तैयार कर ली हैं. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस जन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगी.

उत्तराखंड में चुनावी मोड में कांग्रेस: सड़क से सदन तक घेरने की तैयारी, मचा सियासी घमासान
Image Credit: Congress

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने लगा है. आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों को साधते हुए कांग्रेस पार्टी ने सरकार के खिलाफ एक आक्रामक और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार की है. विपक्ष की इस आक्रामक घेराबंदी से राज्य का राजनीतिक माहौल गरमाने के पूरे आसार हैं.

22 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान 
कई मसलों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार को घेरने का प्लान तैयार किया है. 22 अक्टूबर से लेकर 4 नवंबर तक कांग्रेस पार्टी कई तरह के कार्यक्रम को आयोजित करने जा रही है. ​कांग्रेस पार्टी ने अक्टूबर और नवंबर के महीने के लिए एक व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तय की है. ​22 से 25 अक्टूबर पार्टी प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर 'न्याय यात्रा' निकालेगी. ​27 अक्टूबर को गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस पार्टी सरकार को घेरने के लिए जोरदार प्रदर्शन करेगी.

​1 नवंबर चलो को दिल्ली 
इसके बाद एक नवबंर को रामलीला मैदान के मौदान में वोट चोरी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत दिल्ली के रामलीला मैदान में हुंकार भरेगी. ​4 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार के कार्यकाल में कथित भूमि नीलामी, घोटालों, धांधलियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर तीव्र विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.

बीजेपी ने किया पलटवार 
कांग्रेस पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा और नया यात्रा निकाली जाएगी जिसका प्लान तैयार हो चुका है. ​कांग्रेस के इस आक्रामक तेवर पर सत्तारूढ़ भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भाजपा महामंत्री कुंदन परिहार का कहना है कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से 'मुद्दाविहीन' हो चुकी है और अपनी अंदरूनी कलह, गुटबाजी को छिपाने के लिए केवल सियासी ड्रामेबाजी का सहारा ले रही है.

प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज 
​भले ही दोनों दल एक-दूसरे के दावों को खारिज कर रहे हों, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. आगामी 15 दिनों में कांग्रेस के इस आक्रामक एक्शन प्लान पर भाजपा किस प्रकार राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से पलटवार करती है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा?.

27 अक्टूबर से विधानसभा सत्र 
बता दें कि 27 अक्टूबर से उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन होने जा रहा है. धामी सरकार के कार्यकाल का ये आखिरी सत्र होगा. सरकार चुनावी वर्ष होने के नाते कई अहम प्रस्ताव पेश कर सकती है. वहीं, कांग्रेस सरकार को अंकिता भंडारी समेत तमाम मुद्दों में घेरने की तैयारी में है.  

(देहरादून से राम अनुज की रिपोर्ट)

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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