मखमली बुग्यालों का जादू: सिर्फ नीली झील ही नहीं, अब टिहरी के पहाड़ भी मचाएंगे गदर, एडवेंचर का नया हब बनेगा 'पंवाली-कांठा'!
Tehri Panwali Kantha Trek: धामी सरकार अब उत्तराखंड में ट्रैकिंग को बढ़ावा देने की कवायद शुरू कर दी है. टिहरी में भी पर्यटन सिर्फ टिहरी झील वाटर एडवेंचर पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, यहां अब लैंड एडवेंचर पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. जिसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई है.
Tehri Panwali Kantha Trek/ सौरभ सिंह: अगर आप अब तक सोचते थे कि टिहरी का मतलब सिर्फ झील और उसमें बोटिंग या वाटर एडवेंचर है, तो अपनी सोच बदलने का वक्त आ गया है. टिहरी की खूबसूरती केवल उसकी नीली झील के पानी तक सीमित नहीं रहने वाली, बल्कि अब यहां के पहाड़, मखमली बुग्याल और खूबसूरत रास्ते पर्यटकों को अपनी ओर खींचने के लिए तैयार हैं. धामी सरकार की नई योजना के तहत टिहरी में 'वाटर एडवेंचर' के साथ-साथ अब 'लैंड एडवेंचर' का भी नया रोमांच शुरू होने जा रहा है.
'पंवाली-कांठा' का जादुई ट्रैक
जिले के सीमांत भिलंगना क्षेत्र में एक ऐसा ही अनछुआ और कुदरती नजारों से भरा पड़ा है पंवाली-कांठा ट्रैक रूट. मखमली घास के मैदान और चारों तरफ बिखरी प्राकृतिक खूबसूरती इस ट्रैक को दुनिया भर के ट्रैकर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं बनाती. हालांकि, अब तक सही प्रचार-प्रसार और सुविधाओं के अभाव में यह खूबसूरत रास्ता मुख्य धारा से दूर था, लेकिन अब जिला प्रशासन ने इसे विश्व पटल पर लाने का बीड़ा उठा लिया है. मुख्य विकास अधिकारी (CDO) वरुणा अग्रवाल ने 35 सदस्यीय ट्रैकिंग दल को फ्लैग ऑफ कर इस नए सफर का आगाज कर दिया है.
गांव की महिलाओं के हाथों में होगी पर्यटन की कमान
इस पहल का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि इससे पहाड़ की महिलाओं की तकदीर भी बदलेगी. ग्रामोत्थान मिशन के तहत स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 लाख रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है. इसके जरिए महिलाएं ट्रैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी आधुनिक उपकरण (Equipments) खरीदेंगी और ट्रेकर्स को किराए पर मुहैया कराएंगी. यानी अब पहाड़ों पर घूमने आने वाले पर्यटकों का सफर आसान करने के साथ-साथ यहां की महिलाएं खुद भी 'आत्मनिर्भर' बनेंगी.
बेस कैम्प 'मेंडू सिंदवाल' बनेगा मॉडर्न हब
सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने बताया कि जहां से ट्रैकिंग शुरू होती है, उस मेंडू सिंदवाल गांव को एक बेहतरीन बेस कैम्प के रूप में विकसित करने की तैयारी है. पर्यटकों की हर सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यहां शानदार होम स्टे, विश्राम गृह और आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे. इसके लिए शासन को 50 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी मंजूरी मिलते ही यहां धरातल पर तेजी से काम शुरू हो जाएगा.
पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने की राह पर 'पंवाली-कांठा'
पानी में थ्रिल महसूस करने के बाद अब पहाड़ों पर ट्रेकिंग का लुत्फ उठाने वालों के लिए टिहरी का 'पंवाली-कांठा' सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनने की राह पर है. अगर आप भी पहाड़ों की शांति, मखमली बुग्यालों की ताजी हवा और एडवेंचर के शौकीन हैं, तो अपने अगले सफर की लिस्ट में टिहरी के 'पंवाली-कांठा' को जरूर शामिल करें. यकीन मानिए, यहां का कुदरती रोमांच और स्थानीय लोगों का आत्मीय आतिथ्य आपके इस सफर को ताउम्र के लिए यादगार बना देगा.