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Nepal Disaster Missing Indians: 26 अगस्त का वो काला दिन नेपाल में अपने साथ तबाही का ऐसा मंजर लाया, जिसने कई घरों के चिरागों और अपनों की हंसी को अचानक खामोशी में बदल दिया. कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा और हिमालय की चोटियों को नापने का सपना लेकर नेपाल की सरहद में कदम रखने वाले 8 लोग इस भीषण आपदा के बाद से अचानक गायब हो गए हैं. न कोई खबर, न कोई आवाज... बस परिजनों की थमी हुई सांसें और दिन-रात बजने की उम्मीद में रखे मोबाइल फोन.
उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) में जब एक-एक कर बदहवास रिश्तेदारों के फोन बजने शुरू हुए, तो माहौल में सिर्फ बेबसी और दर्द की गूंज थी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घंटों से बंद आ रहे फोन और टूट चुके संपर्क ने उनके दिलों में अनहोनी की दहशत भर दी है. तबाही के इस दौर में पहाड़ टूट चुके हैं, रास्ते बह गए हैं और संचार की डोर पूरी तरह कट चुकी है. यही वजह है कि खामोशी का यह सन्नाटा और भी भयानक लग रहा है.
उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी 8 लापता लोगों का ब्योरा केंद्र सरकार को भेजकर मदद की गुहार लगाई है. भारतीय और नेपाल प्रशासन मिलकर इस उम्मीद में हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं कि शायद कहीं से अपनों के सकुशल होने का कोई पैगाम आ जाए.
जिंदगी की राहों में कहां खो गए ये 8 चेहरे?
मीना गुप्ता (इंग्लैंड): इंग्लैंड से आई मीना गुप्ता का आखिरी सुराग तिब्बत-नेपाल सीमा पर ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर के पास मिला था. धारचूला के चंचल धामी उनकी एक सलामती की खबर सुनने को बेताब हैं.
जिग्नेश मर्चेंट और तेजल मर्चेंट (अमेरिका): अमेरिका से आस्था के चलते खिंचे चले आए इन दोनों ने रिया ट्रैक के जरिए कैलाश यात्रा शुरू की थी. मुंबई में बैठा उनका दोस्त राहुल पुरोहित हर पल भगवान से उनकी रक्षा की दुआएं मांग रहा है.
रामा रमन और एनआरके रमन (मुंबई): हरिद्वार के अंकित शर्मा ने मुंबई निवासी रामा रमन और एनआरके रमन के बारे में जानकारी दी. दोनों एक यात्रा कंपनी के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे. अब अंकित शर्मा का दिल किसी अनहोनी की आशंका से बैठा जा रहा है.
वीना कुलकर्णी (मुंबई): नेपाल के तेमुर बॉर्डर के करीब मौजूद वीना कुलकर्णी से अचानक संपर्क टूट गया. धारचूला के रवि रंजन ने इसकी जानकारी दी है.
पंकज नाथ (लंदन): लंदन में रहने वाले पंकज नाथ नेपाल की खूबसूरत वादियों में गए थे, लेकिन आपदा के बाद से उनका फोन लगातार बंद है. गुड़गांव निवासी निधि शर्मा का कहना है कि लंदन में रहने वाले उनके दोस्त के पति पंकज नाथ नेपाल गए थे. आपदा के बाद से उनका भी संपर्क नहीं हो पा रहा है.
मोहित कौशिक (कनाडा): कनाडा से कैलाश मानसरोवर के दर्शन का सपना लेकर आए मोहित भी इस प्राकृतिक त्रासदी के बाद से लापता हैं. उत्तरकाशी कंट्रोल रूम भी उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश में जुटा है.
अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने से कई लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. लापता लोगों की जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा कर तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं.
टूटते संचार और बहते आंसुओं के बीच सिर्फ एक उम्मीद
बहरहाल, प्रकृति के इस रूद्र रूप के बीच अपनों से बिछड़े लोगों के परिवार हर पल बस एक ही दुआ मांग रहे हैं कि पहाड़ों में संचार की डोर जल्द से जल्द जुड़े. तबाही के इस सन्नाटे को चीरते हुए कब किसी के सकुशल होने की खबर आ जाए, इसी एक उम्मीद पर सैकड़ों आंखें टिकी हुई हैं. राहत और बचाव दल लगातार जिंदगी की राह तलाशने में जुटे हैं.