'नौकरी के बदले चाय तक नहीं पिया, मिटाकर रहूंगा ये कलंक'- जानिए हरीश रावत ने क्यों खाई मां की सौगंध?
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपनी इंटरनेट मीडिया पर एक और पोस्ट करके सनसनी मचा दी है. हरीश रावत ने पोस्ट के जरिए कहा है कि वे मां की सौगंध खाकर कहते हैं कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया.
सुरेंद्र डसीला/देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक बार फिर से अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रहे हैं. लंबे समय से दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हरीश रावत अब उत्तराखंड वापसी करने जा रहे हैं. हरीश रावत पिछले कुछ समय से दिल्ली में प्रवास पर थे, जहां उनका इलाज चल रहा था. इसी दौरान उनके पूर्व OSD चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी हुई, जिससे राज्य का सियासी पारा चढ़ गया. इस कार्रवाई के बाद से ही हरीश रावत लगातार आक्रामक रुख में नजर आ रहे हैं.
हरीश रावत ने शेयर किया भावुक वीडियो
हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी मां की तस्वीर के साथ जारी एक भावुक वीडियो में हरीश रावत ने कहा कि वे अपनी मां की सौगंध खाते हैं कि मुख्यमंत्री रहते या जीवन में कभी भी उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर ₹1 का भी भ्रष्टाचार नहीं किया. उन्होंने साफ किया कि उनके खिलाफ षड्यंत्र के तहत झूठे आरोप लगाए गए हैं और वे इस कलंक को मिटाकर ही रहेंगे. हरदा ने कहा कि 'मेरी तीन माताएं हैं, जगत जननी, देवी भवानी (मां दुर्गा), जिसकी मैं नित्य प्रतिदिन पूजा करता हूं और वह धरती मां है, जिसने मुझे पैदा किया है।' हरीश रावत ने आरोप लगाया कि आज मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र हो रहा है. उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने का प्रयास हो रहा है.
उत्तराखंड आगमन का विस्तृत शेड्यूल जारी
हरीश रावत ने अपने उत्तराखंड आगमन का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है. 20 सितंबर को उत्तराखंड प्रवेश से पहले वे मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पहुंचकर उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. इसके बाद गुरुकुल नारसन बॉर्डर के रास्ते वे मंगलौर, रुड़की होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे, जहां मां गंगा का पूजन और दुग्धाभिषेक करेंगे.
शक्ति प्रदर्शन के मूड में हरदा
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान कांग्रेस के कई वर्तमान व पूर्व विधायक और बड़े नेता हरीश रावत के साथ मौजूद रहेंगे. हालांकि पार्टी नेता खुलकर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि हरीश रावत इस यात्रा के जरिए कांग्रेस आलाकमान से लेकर प्रदेश संगठन तक को अपनी सियासी ताकत का बड़ा संदेश देने जा रहे हैं.
इस्तीफे की पेशकश
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को लेकर पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. हरीश रावत ने कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की इच्छा जताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को पत्र भेजा था, जो अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश अध्यक्ष को मिल गया है. यह भी कहा जा रहा है कि लेटर में रावत ने प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य पद छोड़ने की बात कही है. बताया जा रहा है कि हरीश रावत ने यह कदम अपने पूर्व ओएसडी और वर्तमान पीए चंदन सिंह जीना के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उठाया.