मानसून की विदाई के बाद 'स्वर्ग' बनता है उत्तराखंड, घूमने के लिए ये 4 जादुई जगहें बेस्ट; धुली वादियां और नीला आसमान जीत लेगा दिल!
Uttarakhand Tourist Places After Monsoon: अगर आप मानसून की विदाई के बाद उत्तराखंड की निखरी हुई हरियाली और सुहावने मौसम का आनंद लेना चाहते हैं, तो शहर के शोर-शराबे से दूर ये पांच ठिकाने सबसे बेस्ट हैं.
Uttarakhand Tourist Places After Monsoon: बारिश का मौसम खत्म होते ही देवभूमि उत्तराखंड का रूप पूरी तरह बदल जाता है. पहाड़ों पर जमी धूल-मिट्टी धुल चुकी होती है, वादियां मखमली हरी चादर ओढ़ लेती हैं और आसमान बिल्कुल साफ, नीला नजर आने लगता है. अगर आप भी मानसून की नमी और उफनती नदियों के डर से अब तक घरों में कैद थे, तो अब अपना बैग पैक करने का सही समय आ गया है.
मानसून खत्म होने के बाद नवंबर तक उत्तराखंड का मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही भूस्खलन (Landslide) का खतरा रहता है. आइए जानते हैं बारिश के तुरंत बाद घूमने के लिए उत्तराखंड के सबसे खूबसूरत और सुरक्षित ठिकाने कौन से हैं?
1. फूलों की घाटी (Valley of Flowers): कुदरत का असली जादू
चमोली जिले में स्थित 'वैली ऑफ फ्लावर्स' बारिश के ठीक बाद अपने सबसे शबाब पर होती है. मानसून खत्म होते ही यहां सैकड़ों प्रजातियों के दुर्लभ फूल खिल उठते हैं. मीलों तक फैले ये रंग-बिरंगे फूल और पृष्ठभूमि में दिखती बर्फ से ढकी चोटियां आपको किसी सपने जैसा अहसास कराती हैं.
कैसे पहुंचें?
अगर आप यहां जाने की सोच रहे हैं तो आप ऋषिकेश या हरिद्वार से गोविंदघाट पहुंचे. इसके बाद घांघरिया तक 13 किमी की ट्रेकिंग कर फूलों की घाटी पहुंच सकते हैं.
2. चोपटा-तुंगनाथ: 'मिनी स्विट्जरलैंड' का अलौकिक रूप
रुद्रप्रयाग जिले में बसा चोपटा बारिश के बाद हरी-भरी बुग्यालों (घास के मैदानों) से ढक जाता है. यहाँ की ताजी हवा और हिमालय की पंचचूली व चौखंभा चोटियों का नज़ारा मन मोह लेता है. यहां से आप दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर 'तुंगनाथ' की आसान ट्रेकिंग भी कर सकते हैं.
कैसे पहुंचें?
यहां जाने के लिए हरिद्वार या ऋषिकेश से उखीमठ होते हुए चोपटा के लिए सीधी टैक्सी या बस आसानी से मिल जाती है.
3. लैंसडाउन: सुकून और शांति की तलाश
अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांत जगह पर वक्त बिताना चाहते हैं, तो पौड़ी गढ़वाल का यह छोटा सा हिल स्टेशन सबसे बेस्ट है. बारिश के बाद यहाँ के चीड़ और देवदार के घने जंगल और भी ज्यादा निखर जाते हैं. टिप-इन-टॉप पॉइंट से उगते सूरज को देखना ताउम्र न भूलने वाला अनुभव है.
कैसे पहुंचें?
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कोटद्वार है, जो यहां से महज 40 किमी दूर है. दिल्ली से सीधी बसें भी मिलती हैं.
4. औली: हरियाली और साफ आसमान का संगम
स्कीइंग के लिए मशहूर औली बारिश के बाद अपनी मखमली घास और कृत्रिम झील की खूबसूरती के लिए जाना जाता है. यहां से नंदा देवी पर्वत का साफ और खूबसूरत नजारा दिखाई देता है.
कैसे पहुंचें?
अगर आप यहां जाने की सोच रहे हैं तो ऋषिकेश से जोशीमठ पहुंचे, फिर जोशीमठ से औली के लिए केबल कार (रोपवे) या टैक्सी लें.
5. ऋषिकेश: सुकून और हरियाली के लिए मुफीद ठिकाने
आप मानसून की विदाई के बाद ऋषिकेश में हरियाली और मौसम का आनंद ले सकते हैं. यहां साईं घाट, क्यार्की गांव और कुंजापुरी देवी मंदिर सबसे अच्छी जगहें हैं. क्यार्की गांव बारिश के बाद बहुत हरा-भरा और सुंदर हो जाता है. साईं घाट भीड़भाड़ से दूर सुकून और ठंडी हवा का एहसास कराता है. बारिश के बाद साफ सुबह में कुंजापुरी मंदिर से सूर्योदय और हिमालय का नजारा बेहद खूबसूरत दिखता है.
कैसे पहुंचें?
अगर आप यहां जाना चाहते हैं तो आपको सीधी टैक्सी या बस आसानी से मिल जाती है.
बारिश के बाद उत्तराखंड की वादियां नए जीवन से भर जाती हैं. ठंडी हवाएं, साफ सड़कें और हरियाली से लदे पहाड़ आपके सफर को यादगार बनाने के लिए तैयार हैं. तो देर किस बात की, इस सुहावने मौसम में अपनी गाड़ियों की चाबी उठाइए और निकल पड़िए देवभूमि की इस जादुई खूबसूरती को करीब से महसूस करने.