अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो मामले में सीबीआई ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को नोटिस जारी किया है. उन्हें 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे देहरादून की स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीबीआई) अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है. उर्मिला सनावर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने पूछताछ के दौरान खुद नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमति दी थी. अब वह अदालत में उपस्थित होकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में शामिल होंगी.
उर्मिला सनावर के मुताबिक, रविवार 18 अक्टूबर को सीबीआई की टीम ने उनसे करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी. इस दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो, पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर और उनके वैवाहिक संबंधों समेत कई विषयों पर सवाल पूछे गए. उर्मिला का कहना है कि अधिकारियों ने उनसे यह भी पूछा कि उनके पास इतने सारे साक्ष्य कैसे आए और वह इस मामले को लेकर आवाज क्यों उठा रही हैं?.
उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने उनसे नार्को टेस्ट कराने के बारे में पूछा था. इस पर उन्होंने अपनी सहमति दे दी. उर्मिला के अनुसार, रविवार को उनसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए थे. इसके बाद आज आठ बजे सीबीआई की टीम उनके घर पहुंची और उन्हें देहरादून में पेश होने का नोटिस दिया.
उर्मिला सनावर ने कहा, “मैं सत्यता की लड़ाई लड़ रही हूं. मैं ऐसी बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हूं, जो अब इस दुनिया में नहीं है, जब सीबीआई ने मुझसे पूछा कि क्या मैं नार्को टेस्ट कराऊंगी, तो मैंने कहा कि हां, मैं तैयार हूं.” उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत में बुलाया गया है और वहां न्यायिक अधिकारी तथा जांच से जुड़े अधिकारी आगे की प्रक्रिया के बारे में बताएंगे. उर्मिला ने स्पष्ट किया कि वह 23 अक्टूबर को पेश होंगी.
उर्मिला सनावर ने बताया कि पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने सुरेश राठौर से जुड़े विषयों पर भी सवाल किए. उनके मुताबिक, अधिकारियों ने उनके वैवाहिक संबंधों में आए विवाद, उसके समय और रिकॉर्डिंग करने की नौबत आने के बारे में भी जानकारी मांगी. उन्होंने दावा किया कि पूछताछ के दौरान 50 करोड़ रुपये से जुड़े विषय समेत कई अन्य पहलुओं पर भी सवाल किए गए. हालांकि, इन बिंदुओं पर सीबीआई की ओर से आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है. इसलिए इन्हें उर्मिला सनावर के दावों और उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए.
उर्मिला सनावर ने अपने बयान में निजी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले चार साल से अपनी लड़ाई लड़ रही हैं. उन्होंने महाभारत के पात्रों का उदाहरण देते हुए सुरेश राठौर पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अब वह अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगी. उन्होंने कहा, “मैं मरते दम तक अंकिता भंडारी की लड़ाई लड़ूंगी. अगर इस बेटी को न्याय दिलाने की यात्रा में मेरी छोटी-सी भी भूमिका होती है, तो उत्तराखंड की जनता मुझे याद रखेगी.”
उर्मिला ने यह भी कहा कि इस मामले से उत्तराखंड के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और अंकिता के परिवार को न्याय मिलना चाहिए.
नोटिस के अनुसार, उर्मिला सनावर को 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे अदालत में उपस्थित होना है. वहां नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट से संबंधित सहमति की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी है. ऐसे परीक्षणों के लिए सहमति का स्वतंत्र और स्वैच्छिक होना महत्वपूर्ण है. केवल नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि नार्को टेस्ट हो चुका है या उसकी अंतिम तारीख और प्रक्रिया पूरी तरह तय हो गई है. अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो की जांच में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सबकी नजर 23 अक्टूबर को होने वाली न्यायिक प्रक्रिया और सीबीआई की आगे की जांच पर रहेगी.
(सहारनपुर से नीना जैन की रिपोर्ट)