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Lucknow News: यूपी की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कोरोना काल के दौरान कोविड प्रोटोकॉल और लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. योगी सरकार ने ऐसे पुराने मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. प्रदेश के 18 जिलों में मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज 33 मामलों की पहचान की गई है. अब इन मुकदमों को वापस लिया जाएगा.
नेताओं पर दर्ज केस वापस लेगी सरकार
खास बात ये है कि इन मुकदमों में कई चर्चित राजनीतिक नाम भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अलीगढ़ में चार नेताओं के खिलाफ मामले हैं. इनमें नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का भी नाम शामिल है. इसके अलावा पूर्व विधायक वीरेश यादव, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह और पूर्व विधायक ठाकुर राकेश सिंह के नाम शामिल हैं. आगरा में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, शामली में नाहिद हसन, जौनपुर में नदीम जावेद समेत अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है.
3 लाख मुकदमे दर्ज थे
बता दें कि इससे पहले योगी सरकार व्यापारियों पर कोविड प्रोटोकाल और लाकडाउन उल्लंघन को लेकर दर्ज मुकदमे वापस ले चुकी है. आमजन के खिलाफ भी दर्ज मुकदमे वापस ले चुकी है. प्रदेश में करीब 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज थे, जो अब खत्म हो गए हैं. अब वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.
लॉकडाउन के दौरान महामारी एक्ट लागू था
देश में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू किया था. इस दौरान प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराने के लिए कड़ी बंदिशें लगाई गईं थीं. इनका उल्लंघन करने पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे. लॉकडाउन के दैरान महामारी एक्ट लागू था. लॉकडाउन के उल्लंघन से जुड़े मामलों में पुलिस ने धारा 188 के तहत मामले दर्ज किए थे. इसमें दो साल की सजा का प्रावधान था.