UP Elections 2027/ विशाल रघुवंशी: उत्तर प्रदेश की राजनीति दशकों से यादव, गैर-यादव ओबीसी, दलित और मुस्लिम जातीय समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है. 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपने-अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले पर होमवर्क करने में जुटे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार विपक्ष की रणनीति को पछाड़ने के लिए एक नया 'मास्टरस्ट्रोक' तैयार किया है.
योगी सरकार अब सिर्फ परंपरागत 'लाभार्थी' तक सीमित न रहकर सीधे 'परिवार' के हर सदस्य तक अपना राजनीतिक और सामाजिक संदेश पहुंचा रही है. जमीनी स्तर पर मानदेय में बंपर बढ़ोतरी और सामाजिक पेंशन में इजाफे के फैसलों ने 2027 के सियासी समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है.
बरेली में सीएम योगी का बड़ा बयान
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया. इस मौके पर अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि 2017 से पहले कोई भी त्योहार आता था उपद्रव शुरू हो जाता था अब लोग उपद्रव भूल गए हैं.
योगी सरकार का 'मानदेय गिफ्ट'
योगी सरकार ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के जीवनस्तर में सुधार लाने के लिए तिजोरी खोल दिया है. प्रदेश के करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 3,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. 40 प्रतिशत की इस एकमुश्त बढ़ोतरी से हर प्रहरी को सालाना 12,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. गृह विभाग के इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 84 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.
इसके अलावा पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में खाना बनाने वाली लगभग 3.54 लाख रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह किया गया है. ये रसोइया करीब 1.41 लाख परिषदीय स्कूलों में 1.46 करोड़ बच्चों का खाना तैयार करती हैं.
शिक्षामित्रों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय
योगी सरकार ने अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 18,000 रुपये और अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह कर दिया है. साथ ही इन्हें कैशलेस मेडिकल सुविधा देने का भी ऐलान हुआ है. आंगनबाड़ी व पंचायत सहायक की बात करें तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये और सहायिकाओं का 4,000 से 6,000 रुपये कर दिया गया है. जबकि, पंचायत सहायकों का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है.
सवा करोड़ पेंशनधारियों की बल्ले-बल्ले
मानदेय बढ़ोतरी के साथ-साथ योगी सरकार प्रदेश के सवा करोड़ से ज्यादा कमजोर और जरूरतमंद लोगों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है. सरकार की योजना वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन और दिव्यांगजन सामाजिक पेंशन की रकम को 1,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1,500 रुपये प्रतिमाह करने की है. इस फैसले का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों की जेब और उनकी सामाजिक सुरक्षा पर पड़ेगा.
बीजेपी का 'लाभार्थी परिवार' मॉडल तैयार
योगी सरकार के इन एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसलों ने विपक्षी खेमे के सामने बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जातिगत जनगणना के साथ ही PDA समीकरण के भरोसे 2027 की नैया पार करने के सपने देख रहे हैं, वहीं बीजेपी ने जातिगत संतुलन के साथ-साथ लाभार्थी परिवार का एक मजबूत किला तैयार कर लिया है. सीधे जनता के बैंक खातों और परिवारों से जुड़े ये फैसले 2027 के चुनाव में योगी सरकार के लिए राह कितनी आसान करेंगे, यह तो वक्त बताएगा.