यूपी में विधानसभा चुनाव होने में अभी 6 महीने से कम समय बचा है. वहीं, बीजेपी विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित रणनीति के तहत आगे बढ़ रही है. यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े के नेतृत्व वाली केंद्रीय टीम के सदस्य अब यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों में डेरा डालने वाले हैं. पार्टी ने इनके कंधों पर सभी 403 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है.
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में चार-पांच महीने बाद संभावित विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी की पांच सदस्यों वाली केंद्रीय टीम राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है. इस टीम का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े कर रहे हैं.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ये सभी पांच पदाधिकारी जल्द ही अपने-अपने क्षेत्रों में अस्थायी मकान लेकर रहने लगेंगे. विनोद तावड़े, प्रदीप वर्मा और मेधा कुलकर्णी लखनऊ में रहेंगी. वहीं, जगदीश ईश्वर भाई पटेल वाराणसी में रहेंगे. इसके अलावा अनंत ओझा मेरठ में एक अस्थायी घर में रहेंगे. विनोद तावड़े चुनाव की तैयारियों को गति देने के लिए पूरे राज्य का दौरा करेंगे. सभी 403 सीटों की नब्ज टटोलेंगे.
वहीं, उनके तीन सहयोगियों को दो-दो क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. चौथे सहयोगी को महिलाओं और युवाओं पर केंद्रित होने के लिए कहा गया है. बीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि पदाधिकारियों को क्षेत्रों में रहने का उद्देश्य केंद्रीय नेतृत्व को जिला-स्तरीय इकाइयों और विधानसभा क्षेत्रों के करीब पहुंचाना है, ताकि पार्टी अपनी चुनावी संभावनाओं का अधिक बारीकी से आकलन कर सके.
बीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि उनके इस अभियान का उद्देश्य पार्टी संगठन के ढांचे को सक्रिय करना और आक्रामक विपक्ष के सामने पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है. यह टीम जिला इकाइयों के साथ लगातार संपर्क में रहेगी. इसके अलावा टीम के सदस्य वे पार्टी के विस्तारकों और विधानसभा प्रभारियों के जरिए मौजूदा विधायकों और संभावित उम्मीदवारों के बारे में फीडबैक और जानकारी जुटाएंगे.
यूपी विधानसभा चुनाव तैयारियों को परखने गृहमंत्री अमित शाह भी लखनऊ आ रहे हैं. वह दो दिन 30 और 31 अक्टूबर को संगठन और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं. साथ ही चुनाव की तैयारियों की जानकारी ले सकते हैं. उनके लखनऊ दौरे को लेकर बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव से ठीक पहले अमित शाह के दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं.
(लखनऊ से विशाल सिंह की रिपोर्ट)