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Lucknow News: उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कहा, मैं अपने केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने ऐसे समय में मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है. मेरा लक्ष्य है कि गठबंधन को मजबूत करते हुए, पार्टी के कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूत करते हुए, 2027 में सरकार बनाना. हम इसकी पूर्ति करेंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर बोला हमला
उन्होंने आगे कहा, "उत्तर प्रदेश में INDIA गठबंधन कल भी मजबूत था, जिसका परिणाम हमने 2024 में देखा, आज भी मजबूत है और आगे भी रहेगा. हर नेता चुनाव के समय में अपने-अपने कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन के लिए, संगठन को मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश में दौरा करेंगे." वहीं, ECI विवाद पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी के CWC ने संकल्प पास किया है कि जिस तरह से ज्ञानेश कुमार पर, दो वरिष्ठ सदस्यों ने आरोप लगाए हैं. ये गंभीर आरोप है. SIR की पूरी प्रक्रिया आज संदेह के घेरे में है. बहुत बड़ा अपराध ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग ने किया है. उन्होंने हमारे सबसे बड़े और संवैधानिक अधिकार, मताधिकार को छीना है. उनमें जरा भी नैतिकता है तो ज्ञानेश कुमार को देश से माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए."
यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का पलटवार
वहीं, यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सीट बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है. मनमुताबित सीटें न मिलने पर, क्या कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अकेले मोर्चे के साथ भी जा सकती है?... के सवाल पर राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि समय आने पर पार्टी और हमारा शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा, हम बहुत मजबूत और पुरानी पार्टी हैं."
2019 में सपा को 5 सीटें मिलीं थीं
उन्होंने आगे कहा, "सीट नहीं मिली तो कोई क्यों गठबंधन करेगा? कोई अपनी पार्टी को खत्म करके समझौता करेगा क्या? कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश की 400 सीटों पर संगठन तैयार कर चुकी है, मजबूती से आगे बढ़ रही है." राजेंद्र पाल गौतम ने सपा नेताओं के बयान '2024 में कांग्रेस को जो फायदा हुआ, वह समाजवादी पार्टी के साथ होने की वजह से हुआ' पर कहा, "अगर ऐसा है तो 2019 में समाजवादी पार्टी को सिर्फ पांच सीटें क्यों मिली थीं? 2024 में सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने चुनाव लड़ा, उस चुनाव में अखिलेश यादव की पार्टी को 37 सीटें मिलीं.
भारत जोड़ो यात्रा का असर था
जब मुलायम सिंह यादव या अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब भी समाजवादी पार्टी को इतनी सीटें नहीं मिली थीं. राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 4,500 किलोमीटर की यात्रा की, जिसमें उन्होंने मजदूरों, किसानों, वंचित वर्गों, बढ़ई, मैकेनिक, कुली और हर वर्ग के लोगों से मुलाकात की और उनके हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी. इस कारण सपा को भी इतना वोट मिला. इसलिए अगर कोई यह सोचता है कि 37 सीटें सिर्फ समाजवादी पार्टी की वजह से मिलीं, तो यह अखिलेश यादव और उनके नेताओं की गलतफहमी है. सीट बंटवारे पर कहा, "हम चाहते हैं कि अक्टूबर में सीट बंटवारा फाइनल हो जाए, ताकि उम्मीदवारों को चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके. हम अक्टूबर में ही सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला कर लेंगे.
प्रमोद तिवारी ने महंगाई का मुद्दा उठाया
वहीं, महंगाई और रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का बयान सामने आया है. प्रमोद तिवारी ने कहा, महंगाई इतनी बढ़ गई है कि आम आदमी के लिए दो वक्त के खाने का राशन जुटाना मुश्किल हो गया है. सरकारी कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो गई है. टीचरों और किसानों के लिए मुश्किल हो गई है. राहुल गांधी इस देश में विपक्ष के नेता हैं, और अगर वह आवाज नहीं उठाएंगे, तो कौन उठाएगा? हम सब उनकी आवाज में अपनी आवाज मिलाएंगे. CEC के खिलाफ धरने के बारे में उन्होंने कहा, "उनके दो सदस्यों की तरफ से चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ ऐसी गवाही है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और उनके खिलाफ केस दर्ज करने के लिए FIR दर्ज होनी चाहिए.