SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

पाक हैंडलर 'राना भाई' का प्लान फ्लॉप: पाकिस्तान से मिले हथियार, 3 लाख की सुपारी...ATS ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के 4 गुर्गे दबोचे

शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 3 अभियुक्त को यूपी एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही 1 बाल अपचारी को पुलिस ने निगरानी में लिया है. पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर आरोपी पुलिस या सेना के किसी जवान की हत्या करने आए थे.

Written By Pooja Singh
Published: Oct 30, 2026, 06:40 PM IST | Updated: Oct 30, 2026, 07:09 PM IST
Join

लखनऊ में सेना या पुलिस के जवान को निशाना बनाने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) ने प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन अभियुक्तों और एक बाल अपचारी को लखनऊ से धर दबोचा है. पकड़े गए अभियुक्त पंजाब के रहने वाले हैं. ये सभी सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर 'राना भाई' के सीधे संपर्क में थे और लखनऊ में एक बड़े हत्याकांड को अंजाम देने पहुंचे थे.

3 लाख का लालच और नेपाल भागने का प्लान

शुरुआती पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर राना भाई ने इन चारों को लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी अधिकारी या जवान की टार्गेट किलिंग का टास्क दिया था. इस वारदात को अंजाम देने के बदले उन्हें 3 लाख रुपये देने का वादा किया गया था. काम खत्म होते ही वीडियो बनाकर उसे भेजने को कहा गया था. हत्याकांड के तुरंत बाद आरोपियों के नेपाल भागने की पूरी प्लानिंग तैयार थी.

एटीएस ने इनके पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. यह हथियार पाकिस्तान से भेजे गए थे, जिसे लखनऊ में ही राना भाई के एक स्थानीय साथी ने इन तक पहुंचाया था.

27 अक्टूबर से बिछाया जा रहा था जाल

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि आरोपी 27 अक्टूबर को अमृतसर से निकले थे और दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात लखनऊ पहुंचे. पाकिस्तानी हैंडलर ने इन्हें सफर में खर्च के लिए 2,585 रुपये भेजे थे. लखनऊ पहुंचते ही आरोपियों ने रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजा था. एटीएस को खुफिया इनपुट मिला था कि पंजाब के कुछ युवक सेना या पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमले की फिराक में हैं.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच में अमृतसर निवासी गगनदीप सिंह (26), रजत कुमार (19), गुरदासपुर निवासी दिश (21) और एक नाबालिग का नाम सामने आया. एटीएस ने तुरंत घेराबंदी कर 30 अक्टूबर को चारों को दबोच लिया.

अब एटीएस खंगाल रही नेटवर्क

आरोपियों के मोबाइल की जांच की गई तो विदेशी नंबरों से बातचीत की कॉल डिटेल, संदिग्ध वीडियो और संवेदनशील सैन्य व पुलिस प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़े लोकेशन मिले हैं, जो सीधे पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे जा रहे थे. उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ एटीएस थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. अब पुलिस इनके स्थानीय सहयोगियों, हथियारों की सप्लाई चेन और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.

(लखनऊ से तुषार श्रीवास्तव की रिपोर्ट)

यह भी पढ़िए: यूपी हेल्थ डिपार्टमेंट करप्शन: नाम बदलकर सील अस्पताल चलवाने के खेल का पर्दाफाश, डिप्टी सीएम ने बिठाई जांच

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES