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शिवा शर्मा हत्याकांड: 11 दिन की लुका-छिपी और गिरफ्तारी का वह वायरल किस्सा, जब पुलिस ने श्रद्धा दुबे को पीछे बैठाया

शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे ने 16 अक्टूबर को बुर्का पहनकर नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश किया था. महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर से एक वीडियो सामने आया. उधर, गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा ने पुलिस से आगे बैठने की बात कह दी, जो चर्चा में है.

Written By Pooja Singh
Published: Oct 21, 2026, 08:12 AM IST | Updated: Oct 21, 2026, 09:04 AM IST
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महराजगंज, अमित त्रिपाठी: लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की लुका-छिपी आखिरकार खत्म हो गई है. श्रद्धा अपनी बहन और ड्राइवर के साथ 11 दिनों की लंबी आंख मिचौली के बाद नागपुर में पुलिस के हत्थे चढ़ गई है. नागपुर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद सामने आए घटनाक्रम और भारत-नेपाल सीमा पर बुर्के की आड़ में हुई घुसपैठ ने इस हाई-प्रोफाइल केस को और दिलचस्प बना दिया है.

जानिए फरारी की फिल्मी दास्तान
दरअसल, 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से कैफे कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी. मृतक की मां की शिकायत पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे. इस मामले में जांच का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ा, चौंकाने वाले खुलासे हुए.

नेपाल से नागपुर तक का सफर
जब जांच का दायरा यूपी से आगे बढ़ा, तो आरोपियों के नेपाल भागने की आशंका गहरी हुई. जिसके चलते लखनऊ एसओजी और क्राइम ब्रांच की टीम महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर तक जा पहुंची. टीम स्थानीय दुकानों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने लगी. सूत्रों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे श्रद्धा दुबे बुर्का और नकाब पहनकर नेपाल से भारत में दाखिल हुई. पहचान छिपाने के लिए उसने शातिर तरीके से स्थानीय रास्तों का इस्तेमाल किया. भगवानपुर बॉर्डर पार करने के बाद वह पहले ई-रिक्शा से महदेइया गांव पहुंची और वहां से स्कॉर्पियो से लखनऊ की तरफ रवाना हो गई.

इसका वीडियो भी सामने आया है. जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे श्रद्धा दुबे बुर्का पहनकर भारत में प्रवेश कर रही है.

यह भी पढ़िए: शिवा शर्मा डेथ केस: लखनऊ से आगरा और फिर नागपुर! 11 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ी श्रद्धा दुबे

पुलिस और आरोपियों के बीच दो घंटे का फासला
हैरानी की बात यह है कि लखनऊ पुलिस की टीम भी उसकी तलाश में भगवानपुर बॉर्डर पर पहुंची थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर बताए जा रहे घटनाक्रम के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से महज दो घंटे पहले ही आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गए थे. हालांकि, पुलिस ने मौके से सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए थे. फरारी के दौरान श्रद्धा लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा देती रही. उसकी तलाश यूपी में आगरा और फिर महाराष्ट्र के नागपुर तक जा पहुंची.

गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा का अजीब सवाल
आखिरकार 20 अक्टूबर को नागपुर में स्थानीय पुलिस की मदद, तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी श्रद्धा नागपुर में पुलिस हिरासत के दौरान अजीब सवाल पूछती नजर आई. श्रद्धा दुबे को जब नागपुर से गिरफ्तार किया गया तो वह पूछ रही कि आगे बैठ जाऊं?

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा पुलिस से बचने के लिए बुर्के में रहती थी, टैक्सी का इस्तेमाल करती थी और किसी एक जगह पर ज्यादा देर तक नहीं रुकती थी. गिरफ्तारी के बाद वह गाड़ी में पीछे बैठने से भी मना कर रही थी.

श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर की गिरफ्तारी से पहले भारत-नेपाल बॉर्डर पर जो कुछ हुआ, वो इस केस में जांच का अहम हिस्सा बन गया है. फिलहाल, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और उसके दोनों साथियों को नागपुर के हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां से अब उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाने की तैयारी चल रही है.

यह भी पढ़िए:  फरारी में भी कम नहीं हुई श्रद्धा की रईसी, कीमती चप्पल और लखटकिया नाइट सूट, कहां से आ रहे थे इतने पैसे?

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About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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