ना कोई बहन, ना कोई गम: 101 बेटियों का भाई बना शाहजहांपुर का ये व्यापारी, पिता के जन्मदिन को बनाया यादगार
शाहजहांपुर के एक व्यापारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में हो रही है.
शाहजहांपुर में एक व्यापारी ने अपने स्वर्गीय पिता के जन्मदिन को कुछ इस अंदाज में मनाया कि वो यादगार बनकर रह गया. यहां व्यापारी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तर्ज पर अपने पिता के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए 101 करीब कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया. खास बात यह रही कि सभी 101 बेटियों को भरपूर उपहार दिया गया और एक भाई की तरह अपने हाथों से सभी का कन्यादान भी किया.
101 गरीब कन्याओं की शादी करवाई
व्यापारी द्वारा 101 गरीब कन्याओं की धूमधाम से शादी करवाने को लेकर लोगों ने व्यापारी विनय अग्रवाल की खूब सराहना की है. शहर के प्रमुख व्यापारी और समाजसेवी विनय अग्रवाल के स्वर्गीय पिता अशोक अग्रवाल का पिछले दिनों जन्मदिन था. इस दिन को यादगार बनाने के लिए उन्होंने 101 गरीब कन्याओं का सामूहिक विवाह करने का फैसला लिया. खिरनी बाग रामलीला मैदान को बेहतरीन ढंग से सजाया गया. 101 मंडप बनाए गए.
लजीज खाने का भी इंतजाम
दहेज के रूप में मिलने वाले सभी उपहार दिए गए. इसके अलावा लजीज खाने का भी इंतजाम किया गया. कार्यक्रम में आशीर्वाद देने के लिए जिले के तमाम जनप्रतिनिधि भी पहुंचे. व्यापारी और समाजसेवी विनय अग्रवाल ने भाई बनकर अपने हाथों से सभी कन्याओं का कन्यादान भी किया. उनका कहना है कि उनकी कोई बहन नहीं है, ऐसे में उन्होंने अपनी 101 बहनों की शादी करके अपने पिताजी के जन्मदिन को बेहद यादगार बनाया है. वही कार्यक्रम में आए जनप्रतिनिधियों ने और बेटियों के परिवार वालों ने व्यापारी और समाजसेवी विनय अग्रवाल की जमकर सराहना की.
मां के कहने पर लिया फैसला
विनय अग्रवाल ने बताया कि उनकी कोई बहन नहीं है. ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों की बेटियों की मदद करने की प्रेरणा मिली. उन्होंने साल 2018 में शादियों में मदद करना का फैसला लिया. उन्होंने बताया कि अपनी मां सरोज अग्रवाल की सलाह पर गरीब बेटियों की शादी में मदद का फैसला लिया. 2023 में 11 लड़कियों से शुरू हुआ यह सिलसिला अगले साल 21 और उसके बाद 51 लड़कियों तक पहुंच गया. इस साल यह संख्या 101 हो गई है.
200 आवेदन आए थे, इसमें 101 का हुआ चयन
विनय अग्रवाल ने बताया कि शादी के बंधन में बंधने वाले हर कपल को टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, बेड, अलमारी और रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य वस्तुएं उपहार में भेंट की गईं. शादी समारोह को सफल बनाने में उनकी पत्नी श्वेता, भाई कुणाल, भाभी नेहा और मां सरोज ने मदद की. उन्होंने बताया कि इस साल शादी के लिए लगभग 200 आवेदन मिले थे, इनमें से जरूरतमंदों की पहचान करने के लिए तीन चरणों की जांच के बाद 101 दुल्हनों को चुना गया.
(शाहजहांपुर से शिव कुमार की रिपोर्ट)