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नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की बैठक में उस वक्त हंगामा मच गया, जब कुर्सी पर बैठने को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी के साथ हाथापाई की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया. जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है. विवाद इतना बढ़ा कि प्रेस वार्ता बाधित हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया. पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ हुई धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में पार्टी का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. पार्टी नेतृत्व ने अंशुमान सिंह को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है.
प्रेस वार्ता के दौरान हंगामा
दरअसल, शनिवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम की ओर से प्रेस वार्ता बुलाई गई थी. बैठक में पूर्व और वर्तमान प्रत्याशियों के साथ जिला और महानगर पदाधिकारी मौजूद थे. इसी दौरान वरिष्ठ नेता अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे. आरोप है कि उनके समर्थक उन्हें प्रमुख नेताओं के साथ अगली पंक्ति में बैठाने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान कुर्सी खिसकाने को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से विवाद शुरू हो गया.
पुलिसकर्मियों में संभाली स्थिति
देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला कथित हाथापाई तक पहुंच गया. नगीना साहनी का आरोप है कि अंशुमान सिंह के समर्थकों ने उन्हें थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी. विवाद के दौरान पूर्व सचिव संजय पहलवान के भी चपेट में आने की बात सामने आई है. हंगामा बढ़ने पर पार्टी के अन्य पदाधिकारी बीच-बचाव के लिए आगे आए. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी स्थिति संभाली. इसके बाद अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां से चले गए.
जिलाध्यक्ष ने दुखद बताया
नगीना साहनी ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करने और पार्टी हाईकमान को जानकारी देने की बात कही है. वहीं, जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने घटना को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी पदाधिकारी के साथ हाथापाई नहीं होनी चाहिए थी और पूरे मामले की जानकारी हाईकमान को दी जाएगी. महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी ने भी घटना को गलत बताया. उन्होंने कहा कि अगली पंक्ति में बैठने की जगह को लेकर विवाद हुआ, लेकिन इस तरह की घटना पार्टी हित में नहीं है. अब इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी तैयारी के बीच समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है. हालांकि, थप्पड़ मारने और धमकी देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
जानबूझकर मारपीट करने का आरोप
पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गुंडों के साथ आए थे. वह प्रेसवार्ता को विवादों में लाना चाह रहे थे. उन्होंने कहा कि तभी प्रेस क्लब जैसी जगह पर उनके साथ मारपीट की. उन्होंने ऐसे अराजकतत्वों पर पार्टी और प्रशासन से सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सपा में थप्पड़ कांड पर बड़ा एक्शन, अंशुमान सिंह पार्टी से निष्कासित
पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ हुई धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में पार्टी का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. पार्टी नेतृत्व ने अंशुमान सिंह को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है. निष्कासन की जानकारी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरविंद कुमार सिंह की ओर से जारी प्रेस नोट के जरिए दी गई है.
संजय निषाद ने जताई नाराजगी
वहीं, इस पूरे मामले पर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने नाराजगी जताई है. उन्होंने राम नगीना साहनी के साथ हुई मारपीट को निंदनीय और अफसोसजनक बताया. संजय निषाद ने आरोप लगाया कि सपा नेता के बेटे और समर्थकों ने मारपीट की और मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की. मंत्री संजय निषाद ने सपा नेतृत्व से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी भी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो निषाद पार्टी की ओर से सपा कार्यालय के घेराव का कदम उठाया जा सकता है. यानी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गोरखपुर में सपा की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है.