)
himangi sakhi ram mandir statement: उत्तर प्रदेश के मथुरा में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने राम मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने राम मंदिर में अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद दिए जाने और VIP दर्शन के लिए कथित तौर पर पास बिकने का दावा करते हुए सवाल किया कि जब देश में इतने धर्मगुरु मौजूद हैं तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा रही है.
हिमांगी सखी ने कहा कि वह विपक्ष की इस बात से सहमत हैं कि भक्तों की जगह अधिकारियों को पद दिए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतने धर्मगुरु हैं और किन्नर समाज के भी धर्मगुरु मौजूद हैं, तो उन्हें मंदिर की व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा सकती.
कौन हैं हिमांगी सखी?
हिमांगी सखी किन्नर अखाड़ा से संबंध रखने वालीं एक बड़ा नाम है. वह देश की पहली किन्नर कथा वाचक भी हैं. हिमांगी सखी का जन्म गुजरात के बड़ौदा में हुआ था. साल 2024 लोकसभा चुनाव में हिमांगी सखी, पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने ऐलान के बाद सुर्खियों में आईं थीं. वे 2014 में वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं. हिमांगी सखी को महामंडलेश्वर की उपाधि 2019 में दी गई थी.यह उपाधि उन्हें नेपाल के पशुपतिनाथ पीठ के द्वारा दी गई थी.प्रयागराज में हुए कुंभ के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर गौरी शंकर महाराज ने उन्हें यह उपाधि दी थी.
‘किन्नरों को कोषाध्यक्ष क्यों नहीं बनाया जा रहा?
महामंडलेश्वर ने कहा कि पुराने समय में राजा-महाराजा और मुगल शासक तक किन्नरों को कोष की जिम्मेदारी देते थे. उनका कहना है कि उस समय किन्नरों को ईमानदारी और निष्ठा के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती थीं. उन्होंने सवाल किया कि आज किन्नर धर्मगुरुओं पर भरोसा क्यों नहीं किया जा रहा है.
हिमांगी सखी ने राम मंदिर में VIP दर्शन को लेकर भी दावा किया. उन्होंने कहा कि VIP पास पैसे देकर मिलने की बातें सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह पहले भी अपनी बात रख चुकी हैं और अब एक बार फिर मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता और धर्मगुरुओं को उचित स्थान देने की मांग कर रही हैं.
कृष्ण जन्मभूमि की कार सेवा में शामिल होने का ऐलान
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के सवाल पर हिमांगी सखी ने कहा कि अगर कार सेवा होती है तो वह उसमें शामिल होंगी. उन्होंने कहा कि वह शंखनाद करेंगी और बुलडोजर के ऊपर खड़े होकर शंखनाद करने के लिए भी तैयार हैं.
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ बताते हुए कहा कि वह योगी आदित्यनाथ को बहुत मानती हैं. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि जब बुलडोजर दूसरी जगहों पर कार्रवाई करता है तो मथुरा की ईदगाह के मामले में अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
ज्ञानवापी मामले पर भी उठाए सवाल
हिमांगी सखी ने काशी विश्वनाथ और ज्ञानवापी मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी से जुड़ा मामला लंबे समय से अदालत में लंबित है. उन्होंने दावा किया कि हिंदू पक्ष को वहां पूजा करने का अधिकार नहीं मिल पा रहा, जबकि मुस्लिम पक्ष नमाज और वजू कर रहा है.
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि बुलडोजर ‘अर्धनारीश्वर’ के हाथ में दे दिया जाए. हालांकि, यह उनका राजनीतिक और धार्मिक बयान है और मंदिर-मस्जिद से जुड़े विवादित मामलों में अंतिम फैसला अदालतों के निर्णय के अनुसार ही होगा.