चुनाव से पहले ही चुनावी मोड में BJP: 'सेवा संकल्प' से साधेगी 2027 का निशाना, विपक्ष के आरोपों की काट का ये है प्लान
UP BJP Seva Sankalp Abhiyan: पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी ने एक महीने का 'सेवा संकल्प' अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य फोकस यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव हैं. पार्टी का लक्ष्य प्रदेश के 4 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों से सीधा संवाद साधकर उन्हें स्थायी वोट बैंक में बदलना और नए लोगों को योजनाओं से जोड़ना है. जानिए बीजेपी का पूरा प्लान..
UP BJP Seva Sankalp Abhiyan/ विशाल रघुवंशी: पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक महीने लंबे राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प' अभियान की शुरुआत की है. वैसे तो यह कार्यक्रम पूरे देश में आयोजित किया जा रहा है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में इसका सियासी असर सबसे अहम माना जा रहा है. सरकार और संगठन ने मिलकर एक ऐसा खाका तैयार किया है, जिसके जरिए प्रदेश के 4 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी परिवारों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है.
लाभार्थियों को 'पुख्ता वोट बैंक' में बदलने की कवायद
बीजेपी ने पिछले एक दशक में चुनावी राजनीति का एक नया मॉडल विकसित किया है, जिसमें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सीधे अपने राजनीतिक और सामाजिक आधार में बदला जाता है. अब जब नजर यूपी में सत्ता की हैट्रिक लगाने पर है, तो इस वर्ग को साधे रखना पार्टी के लिए और भी जरूरी हो गया है. एक महीने तक चलने वाले इस अभियान में न केवल योजनाओं के मौजूदा लाभार्थियों से संवाद होगा, बल्कि जो लोग अब तक इनसे छूटे हुए थे, उन्हें भी योजनाओं से जोड़ा जाएगा. पार्टी का मानना है कि जनता के बीच लगातार उपस्थिति ही राजनीतिक सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.
सेवा के साथ राष्ट्रवाद और आस्था का रंग
अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान, रक्तदान, दिव्यांग सहायता और महिला व युवा केंद्रित कार्यक्रमों की एक लंबी श्रृंखला आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही, इसमें आस्था और राष्ट्रवाद के भावनात्मक रंग भी घोले जाएंगे. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कहना है कि भाजपा हमेशा जनसेवा और विकास को प्राथमिकता देती है. यह अभियान जनता के जीवन को बेहतर बनाने और अंतिम व्यक्ति तक सरकार की नीतियां पहुंचाने का संकल्प है.
डिजिटल तड़का और विपक्ष पर पलटवार
आमतौर पर राजनीतिक दल चुनाव की घोषणा के बाद प्रचार में उतरते हैं, लेकिन बीजेपी ने चुनाव से महीनों पहले ही जनसंपर्क का पहला चरण पूरा करने की रणनीति बनाई है. हर लाभार्थी के घर दीया जलाकर यह संदेश दिया जाएगा कि योजनाओं ने करोड़ों परिवारों के जीवन में नया सवेरा किया है. वहीं, एक क्लिक पर सूचनाओं को समझने, देखने के ट्रेड से भी कदमताल किया जाएगा. कार्यकर्ताओं के जरिए योजनाओं के सूक्ष्म लाभार्थियों को उनके जीवन में आए बदलावों को समझाया जाएगा, तो डिजिटल इन्फ्लुएंसर के जरिए प्रदेश के मेगा प्रॉजक्ट भी घर-घर तक पहुंचेंगे. ऐसे में सरकार प्रदर्शन पर उठाए जाने वाले विपक्ष के सवालों का जवाब पहले ही नीचे तक पहुंचा चुकी होगी.
यूपी सरकार के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मुताबिक, उनकी सरकार की योजनाओं ने जमीनी स्तर पर पारदर्शी तरीके से काम किया है. इस अभियान के जरिए हम जनता के सामने अपने कामों का रिपोर्ट कार्ड रख रहे हैं.
2024 के झटके के बाद बूथ मजबूत करने की होड़
2024 के लोकसभा चुनावों में अपेक्षा से कम प्रदर्शन के बाद बीजेपी अपने संगठनात्मक ढांचे को फिर से धार देने में जुटी है. 'सेवा संकल्प' अभियान के बहाने पार्टी को बूथ, मंडल और जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं को पूरी तरह सक्रिय रखने का मौका मिलेगा. चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को लगातार 'इलेक्शन मोड' में रखकर न केवल संगठन की ताकत परख रही है, बल्कि 2027 के सियासी किले को फतह करने की नीव भी मजबूत कर रही है.