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अब होटलों की छुट्टी: अयोध्या-काशी ही नहीं, अब UP के 234 गांव बनेंगे टूरिज्म हब, जानिए कैसे बदलेगी पूरी तस्वीर?

UP Rural Tourism: उत्तर प्रदेश में पर्यटन अब अयोध्या, काशी और मथुरा की धार्मिक आस्था से आगे गांवों तक पहुंच रहा है. प्रदेश के गांव पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं. गांवों में पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, खानपान और ग्रामीण जीवन से रूबरू कराने की तैयारी है. इससे ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं.

Written By Pooja Singh
Published: Sep 27, 2026, 10:26 AM IST | Updated: Sep 27, 2026, 10:27 AM IST
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UP Rural Tourism/ मयूर शुक्ला (लखनऊ): उत्तर प्रदेश में पर्यटन का दायरा अब केवल अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज की धार्मिक आस्था व प्राचीन स्मारकों तक ही सीमित नहीं रहेगा. राज्य सरकार ने प्रदेश के गांवों को पर्यटन के नए और आकर्षक केंद्रों के रूप में विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है. 'एग्री-रूरल एवं गंगे रूरल टूरिज्म परियोजना' के तहत राज्य के 234 गांवों की सूरत बदली जा रही है, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को ठेठ ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं, पारंपरिक खानपान और हस्तशिल्प से रूबरू होने का मौका मिलेगा.

52 गांवों का विकास पूरा, 1920 होमस्टे चिन्हित
पर्यटन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 234 में से 52 ग्रामीण पर्यटन गांवों का विकास कार्य पूरा कर लिया गया है. पर्यटकों की राह आसान करने के लिए ग्रामीण इलाकों में 1,060 साइनेज बोर्ड लगाए गए हैं. इस पूरी योजना की रीढ़ 'होमस्टे मॉडल' को बनाया गया है. पर्यटकों को महंगे होटलों के बजाय गांव के पारंपरिक घरों में ठहराया जाएगा, ताकि वे सीधे ग्रामीण परिवेश का आनंद ले सकें. इसके लिए प्रदेश भर में 1,920 होमस्टे चिन्हित किए जा चुके हैं.

NIDAHI (निधि) पोर्टल पर 970 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से 920 का संचालन शुरू हो चुका है. इसके अलावा पर्यटन विभाग के नए पोर्टल पर भी 195 होमस्टे रजिस्टर्ड किए गए हैं, जबकि लगभग 1,000 होमस्टे अभी विकास के अलग-अलग चरणों में हैं.

महिलाओं के स्वावलंबन और स्वरोजगार पर विशेष जोर
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, ग्रामीण पर्यटन परियोजना केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का बड़ा जरिया बन रही है.

अब तक प्रदेश की 2,200 से अधिक महिलाओं को पारंपरिक हस्तकलाओं जैसे मूंज क्राफ्ट, जरी-जरदोजी, प्रसिद्ध चिकनकारी, पिटकरी कला, बांस शिल्प, मिट्टी के बर्तन और कालीन निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है. इसके अलावा लगभग 300 महिलाओं को स्थानीय अवधी, बाघेली और भोजपुरी पाक कला (Local Cuisine) में पारंगत किया गया है, ताकि वे पर्यटकों को शुद्ध और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा सकें.

यूपी के गांवों को मिल रही नई पहचान
उत्तर प्रदेश का यह ग्रामीण मॉडल केवल कागजों तक सीमित न रहकर वैश्विक पटल पर भी अपनी छाप छोड़ रहा है. वाराणसी के कुसीना (रामेश्वर) गांव को वर्ष 2023 में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है. बहराइच के कतरनीघाट गांव को प्रतिष्ठित 'इंडियन सबकॉन्टिनेंट अवॉर्ड्स-2025' में सिल्वर श्रेणी से नवाजा गया है. प्रयागराज के बायोवेड एग्री फार्म को देश में एक इनोवेटिव एग्री-टूरिज्म बिजनेस मॉडल के रूप में पहचान मिली है.

होमस्टे से बढ़ेगा ग्रामीण रोजगार
योगी सरकार का यह अनोखा प्रयास न केवल यूपी को देश में 'ग्रामीण पर्यटन' के क्षेत्र में सिरमौर बनाएगा, बल्कि गांवों से होने वाले पलायन पर भी ब्रेक लगाएगा. जब शहर और विदेश से आए पर्यटक गांव की चौपालों, खेतों और होमस्टे में ठहरेंगे, तो पर्यटन पर होने वाले खर्च का सीधा वित्तीय लाभ स्थानीय परिवारों, छोटे कारीगरों और दुकानदारों की जेब में जाएगा. आने वाले दिनों में यह मॉडल उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.  

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About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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