'पहले आदत डाली, अब जेब पर डाका': UPI लेन-देन पर चार्ज वसूली पर मायावती का कड़ा ऐतराज
Mayawati UPI charges: बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैक-टू-बैक पोस्ट के जरिए केंद्र और यूपी सरकार को घेरा. उन्होंने UPI लेन-देन पर चार्ज लगाने के फैसले और परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट बनाने की घोषणा पर गंभीर सवाल खड़े किए.
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए UPI Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया. उन्होंने यूपीआई मर्चेंट अकाउंट पर शुल्क लगाए जाने को लेकर भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि यूपीआई डिजिटल लेनदेन को पहले खूब बढ़ावा देने के बाद अब सरकार द्वारा उस लेन-देन पर शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था लोगों की नजर में प्रथमदृष्टया मुनाफाखोरी के पूंजीवादी रवैये के तहत जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूली है, जिससे जनता में बेचैनी और आक्रोश स्वाभाविक है.
UPI चार्ज पर जताई नाराजगी
मायावती ने कहा कि भले ही इस व्यवस्था को 'टैक्स' न कहा जाए, लेकिन इसका असर आखिरकार लोगों की जेब और उनके खर्च पर पड़ सकता है. उन्होंने सरकार से नीतियां बनाते समय व्यावसायिक लाभ की जगह जनकल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही.
'पहले बढ़ावा दिया, अब जेब काट रहे'
मायावती ने कहा कि सरकार ने पहले डिजिटल ट्रांजैक्शन को खूब बढ़ावा दिया, लेकिन 15 अक्टूबर से लागू हो रही शुल्क वसूली व्यवस्था आम जनता की जेब काटने जैसी है. हालांकि, मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा. यह शुल्क व्यापारी से वसूला जाएगा. उपभोक्ता पर सीधा असर नहीं पड़ेगा. ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है. व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन और ₹2,000 तक के P2M भुगतान इस शुल्क से बाहर रहेंगे.
'स्मार्ट स्कूल' बजट का गणित पूछा
मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार के करीब 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में बदलने की घोषणा पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि बच्चों को स्मार्ट शिक्षा देने से पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है.
हालांकि, मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लागू होगा. यह शुल्क व्यापारी पर होगा, उपभोक्ता पर सीधे नहीं. ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 रखी गई है. व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन और ₹2,000 तक के P2M भुगतान इस शुल्क से बाहर रहेंगे.
₹2 लाख में क्या संभव?
बसपा सुप्रीमो ने स्कूलों में छत, बेंच-कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही. साथ ही, उन्होंने सरकार से इस सवाल पर भी विचार करने को कहा कि क्या करीब 300 करोड़ रुपये में लगभग 14,500 स्कूलों में ये सभी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
जनता की परेशानियों की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी
देश में बड़ी आबादी आज भी आर्थिक तंगी, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रही है. आम लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने से लेकर बच्चों की पढ़ाई और रोजगार तक कई चुनौतियां हैं. ऐसे हालात में सरकार की नीतियों का केंद्र केवल राजस्व या मुनाफा बढ़ाना नहीं, बल्कि जनकल्याण और लोगों को राहत देना भी होना चाहिए. जब जनता आर्थिक दबाव और दूसरी परेशानियों से गुजर रही हो, तो उसकी समस्याओं पर ध्यान देना और राहत के उपाय करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है.