सड़क पर मिले 'नकली भांजे': 'नमस्ते मौसा जी' कह छुए पैर, फिर बुजुर्ग की उंगली से उड़ा ली सोने की अंगूठी; नैनीताल-बरेली से जुड़े तार
Bijnor Gold Ring Scam: बिजनौर में ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे. यहां शातिर ठगों ने पहले एक बुजुर्ग को मौसा कहकर नमस्ते किया, फिर पैर छूकर आशीर्वाद लिया. उसके बाद सोने की अंगूठी लूट ले गए. पुलिस ने दोनों शातिर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
Bijnor Gold Ring Scam/ राजवीर चौधरी: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में साइबर और सामान्य अपराध के बीच ठगी का एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है. यहां दो शातिर ठगों ने सड़क पर जा रहे एक 70 साल के बुजुर्ग को अपना 'मौसा' बताकर उनके पैर छुए, आशीर्वाद लिया और बातों-बातों में उनकी उंगली से सोने की अंगूठी निकालकर रफूचक्कर हो गए. हालांकि, कोतवाली शहर पुलिस ने इस अनोखी ठगी का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
पैर छूकर जीता विश्वास, फिर लगा दिया चूना
यह घटना बिजनौर के थाना कोतवाली शहर क्षेत्र की है. पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर को नगर पालिका, टाउन हॉल के सामने रहने वाले 70 वर्षीय सुभाष कुमार वर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित के अनुसार, वे सड़क किनारे जा रहे थे, तभी काले रंग की बाइक पर सवार दो युवक उनके पास आकर रुके. बाइक से उतरते ही दोनों युवकों ने बड़े ही आदर से 'नमस्ते मौसा जी' कहा. इसके बाद दोनों ने बुजुर्ग के पैर छुए और उनका आशीर्वाद भी लिया.
बुजुर्ग कुछ समझ पाते या पुराने रिश्तों को याद करते, उससे पहले ही ठगों ने उन्हें अपनी मीठी बातों के जाल में उलझा लिया. बातों ही बातों में शातिर ठगों ने बड़ी सफाई से बुजुर्ग की सोने की अंगूठी उतरवा ली और मौके से चंपत हो गए. जब तक बुजुर्ग को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक आरोपी काफी दूर निकल चुके थे.
नैनीताल और बरेली के रहने वाले हैं शातिर ठग
बुजुर्ग की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. आसपास के सीसीटीवी फुटेज और पक्की मुखबरी के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल दो आरोपियों को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपियों की पहचान नैनीताल निवासी विनोद कुमार शर्मा और बरेली निवासी कालीचरण के रूप में हुई है. पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से बुजुर्ग से ठगी गई सोने की अंगूठी और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की काले रंग की पल्सर बाइक बरामद कर ली है. बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है.
दोनों आरोपियों को पुलिस ने भेजा जेल
मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी बिजनौर कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि 13 सितंबर को बुजुर्ग से हुई ठगी की सूचना पर पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी. दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की बाइक और ठगी गई अंगूठी बरामद कर ली गई है. आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है.
ध्यान रखें ये बात
बिजनौर की यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है. आजकल ठग और शातिर अपराधी लोगों की धार्मिक भावनाओं, उम्र और सीधेपन का फायदा उठाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे अपराधों से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें. रास्ते में अगर कोई अनजान व्यक्ति आपसे अति-आत्मीयता दिखाए, पैर छुए या पुराना रिश्तेदार/परिचित बताने का दावा करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं.
यात्रा करते समय या अकेले सड़क पर चलते वक्त सोने-चांदी के गहने या बड़ा कैश उजागर करने से बचें. परिवार के बुजुर्ग अक्सर सीधे और भावुक होते हैं, जिससे वे आसानी से ठगों के निशाने पर आ जाते हैं. उन्हें इस तरह के नए 'नमस्ते' या 'रिश्तेदारी' वाले फ्रॉड के प्रति जागरूक जरूर करें.