शादी का झांसा, जेंडर चेंज और देह व्यापार: फेसबुकिया दोस्त ने युवक को बनाया शिकार, खौफनाक साजिश की कहानी सुन कोर्ट भी हैरान!
Unnao Gender Change Case: उन्नाव में जेंडर चेंज और ब्लैकमेल के आरोप पर कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. कोर्ट ने महिला थाना प्रभारी को 15 अक्टूबर तक मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं. पीड़ित का आरोप है कि शादी का झांसा देकर जेंडर बदलने के लिए उसे मजबूर किया गया. फिर जेंडर चेंज के बाद अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया. जानिए पूरी डिटेल...
Unnao Gender Change Case/ ज्ञानेंद्र प्रताप: फेसबुक पर हुई एक दोस्ती किस तरह किसी की जिंदगी को नरक बना सकती है, इसका रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला उन्नाव से सामने आया है. यहां शादी का झांसा देकर एक युवक का जेंडर बदलवाने, उससे लाखों रुपये ऐंठने और फिर ब्लैकमेल कर देह व्यापार में धकेलने की साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस ने जब सुनवाई नहीं की तो पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन (FTC) ने सफीपुर महिला थाना प्रभारी को 15 अक्टूबर तक एफआईआर दर्ज कर जांच के सख्त आदेश दिए हैं.
फेसबुक पर दोस्ती, फिर नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण
चंडीगढ़ के एक अस्पताल में कार्यरत पीड़ित ने अदालत में शिकायती पत्र देकर पूरी आपबीती सुनाई. पीड़िता के मुताबिक, वर्ष 2024 में उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए सफीपुर निवासी एक युवक से हुई थी. धीरे-धीरे आरोपी मिलने के बहाने चंडीगढ़ आने-जाने लगा और मार्च से दिसंबर 2024 के बीच अलग-अलग बहाने बनाकर करीब ₹1 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए.
आरोप है कि एक दिन आरोपी उसके घर पहुंचा और पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर उसका यौन शोषण किया. इस दौरान उसने छिपकर अश्लील वीडियो भी तैयार कर लिया.
शादी की शर्त पर जेंडर चेंज, खौफनाक ब्लैकमेलिंग
पीड़िता के मुताबिक, नवंबर 2024 में आरोपी और उसके परिजनों ने शादी की शर्त रखते हुए उस पर जेंडर चेंज करवाने का दबाव बनाया. इनकार करने पर अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी. लोक-लाज और ब्लैकमेलिंग के डर से पीड़ित ने फरवरी 2025 में दिल्ली के एक अस्पताल में सर्जरी करवा ली, लेकिन सर्जरी के बाद भी दरिंदगी का सिलसिला नहीं थमा.
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी उसे अलग-अलग क्लबों और बार में ले जाकर दूसरे पुरुषों के साथ अनैतिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा. इस दौरान आरोपी उससे करीब ₹5 लाख भी ऐंठ चुका था.
थाने में नहीं हुई सुनवाई, कोर्ट ने मांगा CCTV फुटेज
पीड़िता के मुताबिक, 11 जुलाई को वह तहरीर लेकर सफीपुर थाने पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय समझौता कराने का दबाव बनाया. अब अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उस दिन के थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं. वहीं सफीपुर थाना प्रभारी संदीप मिश्रा का कहना है कि पूरा प्रकरण चंडीगढ़ का है. पहले दोनों पक्षों ने बातचीत कर समझौता कर लिया था. फिलहाल, कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.