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प्रवीण पांडेय/कानपुर: कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बेटे सुब्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है. बेटे ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पुलिस के मुताबिक, पिता के दूसरी महिला पर खर्च करने और खुद को कम पैसे दिए जाने से सुब्रत नाराज था. पुलिस का दावा है कि सुब्रत को यह भी आशंका थी कि उसके पिता किसी दूसरी महिला को घर में ला सकते हैं. इससे भविष्य में संपत्ति में उसका हिस्सा प्रभावित हो सकता है. इन्हीं वजहों को लेकर बेटे ने पिता की हत्या की साजिश रच डाली.
पुलिस कमिश्नर ने दी जानकारी
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि सुब्रत ने विशाल गौतम और राजकिशोर के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची. पुलिस ने बताया कि CCTV, CDR, डुप्लीकेट चाबी, बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ में कई ऐसे साक्ष्य मिले जो बेटे सुब्रत की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे थे. वहीं, शालू की हत्या में संलिप्तता की पुष्टि करने वाले साक्ष्य जांच में नहीं मिले. बेटे सुब्रत ने 5 सितंबर की रात कानपुर के कल्याणपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की थी.
ऐसे खुलती गईं परतें
पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विनीत के शरीर पर 17 चोटों के निशान मिले थे. गले और पेट पर भी चोट के निशान थे. पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर की रात करीब 9 बजकर 38 मिनट पर सुब्रत और शालू घर से बाहर निकले. रात 9 बजकर 46 मिनट पर विशाल गौतम और राजकिशोर की घर में एंट्री CCTV में दिखाई दी. पुलिस का दावा है कि दोनों वारदात के बाद करीब सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर वापस लौटे और 4 बजकर 32 मिनट पर गार्ड को बुलाया गया. जांच के दौरान विशाल की निशानदेही पर फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद की गई.
विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर करता था काम
पुलिस के मुताबिक, चाबी बनवाने वाले व्यक्ति से भी विशाल की पहचान कराई गई. वहीं, राजकिशोर की निशानदेही पर वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद किए गए. पुलिस के मुताबिक, विशाल गौतम ने वर्ष 2010 से 2022 तक विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर काम किया था. चोरी के आरोप में उसे वहां से निकाल दिया गया था, लेकिन पुलिस का कहना है कि इसके बाद भी उसका सुब्रत और शालू से संपर्क बना रहा. जांच में यह भी सामने आया कि 3 सितंबर को विशाल ने नया सिम लिया था, जिससे वह सुब्रत और शालू के संपर्क में था.
जुआ-सट्टा खेलने का आदी था सुब्रत
CCTV फुटेज में विशाल की पहचान को लेकर भी पुलिस ने अहम दावा किया है. पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने CCTV में विशाल को पहचानने से इनकार किया, जबकि शालू ने उसकी पहचान की. पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान विशाल ने शालू को निर्दोष बताया और कहा कि वारदात सुब्रत के कहने पर की गई थी. पुलिस के मुताबिक, सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था और वह जुआ-सट्टा खेलने का आदी था. इन तमाम बिंदुओं को पुलिस ने हत्या की साजिश के पीछे की वजह और सुब्रत की भूमिका की जांच में अहम माना है.