SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

दिवाली पर ODOP और सीएम युवा योजना से चमक रहे स्थानीय कारोबार, आत्मनिर्भर बनकर पपील और प्रिंसी ने पेश की नजीर

उत्तर प्रदेश की ODOP और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना से स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों को नई उम्मीद मिली है. इस योजना का लाभ लेकर लखीमपुर खीरी के पपील कुमार पाठक ने गुड़ बनाने का कारोबार बढ़ाया, तो प्रिंसी गुप्ता ने क्लाउड किचन शुरू कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है.

Written By Rupak Kumar
Published: Nov 03, 2026, 04:46 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 04:56 PM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
Join

दीपावली 2026 के मौके पर उत्तर प्रदेश की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को स्वरोजगार का अवसर दे रही हैं. 24 जनवरी, 2018 को शुरू हुई इस योजना ने अब तक लगभग 3.16 लाख लोगों को रोजगार दे चुकी है. लखीमपुर खीरी के पपील कुमार पाठक गुड़ के और प्रिन्सी गुप्ता का स्नैक्स का कारोबार सफलता की कहानियां दिखाती हैं कि कैसे ये योजनाएं लोगों को आत्मनिर्भर बना रही हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वरोजगार देना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उद्देश्य यह है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वरोजगार दिया जाए.

उत्तर प्रदेश सरकार की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना से प्रदेश के स्थानीय उद्योगों, छोटे कारोबारियों और कारीगरों को बड़ा फायदा मिल रहा है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर जिले के किसी खास उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है. ODOP योजना का एक बड़ा फायदा प्रदेश में रोजगार के नए अवसर देना और राज्य के अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. अभी दिपावली का त्योहार पास आ रहा है. इस खास मौके पर लोग घरों की सजावट, पूजा-पाठ और उपहार देने के लिए अलग-अलग तरह के सामान खरीदते हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों के द्वारा हाथ से तैयार किया गया सामान, सजावटी सामान, कपड़े और मिट्टी से बने उत्पाद और पारंपरिक वस्तुओं की मांग बहुत बढ़ जाती है. दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान इन उत्पादों की मांग बढ़ने से स्थानीय कारोबारियों को अतिरिक्त कमाई का अवसर मिल सकता है. इस तरह ODOP योजना न केवल उत्तर प्रदेश के पारंपरिक हुनर को नई पहचान दे रही है, बल्कि स्थानीय उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकती है. इस योजना की लाभ महिलाएं भी ले रही है.

पपील कुमार पाठक को मिला इस योजना का लाभ

इस योजना के तहत लोग अपना स्वंय रोजगार कर रहे है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के पपील कुमार पाठक पिछले आठ साल से देसी गुड़ और राब बनाने का काम करते है. ग्राम सेवका, पोस्ट नकहरागंज और तहसील लखीमपुर के रहने वाले पपील कुमार ने साल 2018 में इस काम की शुरुआत की थी. शुरू में उनके पास सीमित संसाधन ही था. इसके कुछ दिन बाद मोबाइल पर ऐड के जरिए उनको वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के बारे में पता चला. उसके बाद वह अपने जिले के उद्योग ऑफिस गए और वहां पर ODOP से जुड़े अन्य जानकारी ली. उसके बाद वह इस योजना की लाभ लेने के लिए आवेदन किया. पपील कुमार पाठक को इस योजना के तहत कूल 9 लाख की सहायता राशि मिली, जिससे कारोबार को और बड़ा बनाने में लाभ मिला. पपील के अनुसार, कोल्हू से गन्ने की पेराई और गुड़ बनाने का काम छोटे स्तर पर ही ज्यादा बेहतर रहता है. इसमें कम काम के साथ अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. फिर उन्होंने बताया कि वह स्वंरोजगार करने के साथ-साथ वह 12 लोगों को रोजगार पर भी रखा है. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ODOP योजना को रोजगार के लिहाज से काफी अच्छा मानते हैं. उनके मुताबिक, यह योजना उन लोगों के लिए बेहतर अवसर है, जो वास्तव में अपना रोजगार शुरू करना या कारोबार आगे बढ़ाना चाहते हैं. पपील का मानना है कि अगर योजना की लाभ लेकर रोजगार बढ़ाने में किया जाए, तो इससे स्थानीय स्तर पर कारोबार और लोगों को रोजगार देने, दोनों में मदद मिल सकती है.

इस योजना की तहत अपने पैरों पर खड़ी हुई प्रिंसी गुप्ता

इसी तरह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के ईदगाह मोहल्ले की रहने वाली प्रिंसी गुप्ता ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की मदद से अपनी जिंदगी में नई शुरुआत की है. आज से करीब डेढ़ साल पहले वह सिर्फ एक हाउसवाइफ थीं, लेकिन वह खुद के पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं और वह खुद का एक रोजगार करना चाहतीं थी. इसी दौरान उनको मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे में पता चला. इसके बाद प्रिंसी ने योजना के लाभ लेने के लिए  बैंक में आवेदन किया. उसके बाद उन्हें इस योजना के तहत 5 लाख रुपये का लोन मिला. सहायता राशी मिलने के बाद प्रिंसी गुप्ता ने साल 2025 में खुद का अपना क्लाउड किचन शुरू किया. प्रिंसी गुप्ता यह क्लाउड किचन अपने घर में ही चलाती है, जहां स्नैक्स और खाने-पीने की कई चीजें तैयार की जाती हैं. प्रिंसी गुप्ता ने बताया कि त्योहार के दौरान उनके कारोबार में तेजी आती है. खासकर दिवाली और भाई दूज के मौके पर खाने-पीने के सामान की मांग बढ़ जाती है. इन दिनों उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं. प्रिंसी गुप्ता का कहना है कि वह इस योजना को उन लोगों के लिए अच्छा अवसर मानती हैं, जिनके पास बिजनेस शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है.  साथ ही वह मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना  से मिली सहायता राशी से वह आज आत्मनिर्भर बनी हैं और अपना काम खुद संभाल रही हैं.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES