मोबाइल लत ने मासूम को बनाया सिरफिरा: गोरखपुर में चौथी के छात्र ने टीचर की बनाई गंदी तस्वीर, घर पर बहन से घिनौनी हरकत
Gorakhpur News: गोरखपुर में मोबाइल की लत ने चार साल के मासूम को सिरफिरा बना दिया. पिछले कुछ महीनों में मासूम के व्यवहार में इस कदर बदलाव आया कि उसे स्कूल से निकालना तक पड़ गया.
नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और ऑनलाइन कंटेंट को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. कक्षा-4 में पढ़ने वाले एक बच्चे के व्यवहार में पिछले कुछ महीनों में अचानक बदलाव आया. परिवार के मुताबिक, बच्चा मोबाइल फोन से बेहद जुड़ गया था और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट देखने लगा था.
7 साल की बहन को न्यूड कर दिया
क्लास 4 के इस छात्र की हरकतों से परिजनों को सबसे अधिक हैरानी तब हुई, जब इस छात्र ने 7 साल की बहन को ही न्यूड कर दिया. उसे पोर्न दिखाकर गंदी हरकतें करने लगा. तभी इसी बीच कमरे में अचानक उसकी मां आ गई. अपनी ही बेटी के साथ बेटे की हरकतों को देखकर मां हैरान रह गईं. सूत्रों की मानें तो छात्र ने एक दिन स्कूल में भी एक टीचर की डर्टी पिक्चर बना दी थी. इसके बाद प्रिंसिपल ने उसके घर वालों से शिकायत की और स्कूल से उसका नाम काट दिया है. मामला सामने आने के बाद उसका इलाज कराया जा रहा है.
6 महीने से व्यवहार में दिख रहा परिवर्तन
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे व्यवहार को सीधे किसी एक मानसिक बीमारी से जोड़ना उचित नहीं है. बच्चे के व्यवहार के पीछे कई मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और ऑनलाइन एक्सपोजर से जुड़े कारण हो सकते हैं. परिवार के मुताबिक, ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे को पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया गया था. पढ़ाई के बाद वह कुछ समय गेम खेलता था, लेकिन पिछले करीब छह महीने में उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा. परिजनों का दावा है कि बच्चा मोबाइल हमेशा अपने पास रखने लगा. मोबाइल लेने पर नाराज होता, बाथरूम तक फोन ले जाने लगा और काफी देर तक अंदर रहता था.
स्कूल टीचर की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाईं
परिवार के मुताबिक, उसे टोकने पर उसका व्यवहार चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो जाता था. मामला तब गंभीर हुआ, जब मां ने बच्चे को उसकी बहन के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा. परिवार के मुताबिक, मोबाइल में भी अश्लील सामग्री खुली हुई थी. परिवार के अनुसार, करीब दो महीने पहले स्कूल प्रबंधन ने भी बच्चे के व्यवहार को लेकर अभिभावकों को बुलाया था. आरोप है कि उसके पास एक शिक्षिका की आपत्तिजनक तस्वीरें और अनुचित ड्रॉइंग मिली थीं. स्कूल में दूसरे बच्चों से पूछताछ के दौरान भी उसके कथित तौर पर अनुचित बातें करने की जानकारी सामने आई. इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चे का नाम काट दिया और परिवार को विशेषज्ञ से इलाज कराने की सलाह दी. फिलहाल परिवार के मुताबिक, बच्चे का शाहपुर में इलाज चल रहा है.
क्या है BPD और क्या इससे इस बच्चे का संबंध है?
Borderline Personality Disorder यानी BPD एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें भावनाओं को नियंत्रित करने में कठिनाई, रिश्तों में अस्थिरता, खुद की पहचान को लेकर परेशानी और आवेगपूर्ण व्यवहार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लेकिन सबसे जरूरी बात सिर्फ मोबाइल की लत, अश्लील कंटेंट देखने या अनुचित व्यवहार के आधार पर किसी बच्चे को BPD से पीड़ित नहीं कहा जा सकता. बच्चों में ऐसे व्यवहार के पीछे इंटरनेट पर अनुचित कंटेंट का एक्सपोजर, जिज्ञासा, भावनात्मक या व्यवहार संबंधी समस्याएं, वातावरण और अन्य कई कारण हो सकते हैं. सही कारण जानने के लिए बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मूल्यांकन जरूरी है.
अभिभावक किन संकेतों पर रहें सतर्क?
साइकॉलजिस्ट कंसल्टेंट आकृति पाण्डेय ने बताया कि अगर बच्चा अचानक मोबाइल को लेकर बेहद गोपनीय हो जाए, उम्र के हिसाब से अनुचित कंटेंट देखने लगे, व्यवहार में बड़ा बदलाव आए, अत्यधिक गुस्सा या चिड़चिड़ापन दिखाई दे, दूसरे बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार करे या किसी बात को लेकर लगातार परेशान रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
निगरानी और डिजिटल सुरक्षा जरूरी
उन्होंने कहा कि बच्चे को शर्मिंदा या अपमानित करने के बजाय शांत तरीके से बात करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना ज्यादा जरूरी है. बच्चों को मोबाइल देना आज जरूरत बन चुका है, लेकिन उसके साथ निगरानी और डिजिटल सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. इस मामले में भी किसी मानसिक बीमारी का निष्कर्ष निकालने से पहले विशेषज्ञ की राय बेहद अहम है.