3 बार हटाए गए, 3 बार हुई वापसी... जानिए बसपा में आकाश आनंद का सियासी उतार-चढ़ाव
Akash Anand's Political Career: बसपा सुप्रीमो मायावती का हालिया एक्शन चर्चा में है. भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर से अपरिपक्व बताकर पार्टी के सभी पदों से मुक्त कर दिया.
Akash Anand's Political Career: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पिछले दिनों भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया. अब आकाश आनंद बसपा में एक सामान्य कार्यकर्ता भर रह गए हैं. मायावती ने आकाश आनंद को तीसरी बार पदमुक्त किया है. इस बार भी आकाश आनंद को अपरिपक्व बताया गया है. आइए जानते हैं 2 साल में आकाश आनंद का सियासी ग्राफ कैसे गिरता चला गया? उत्तराधिकारी से फिर सामान्य कार्यकर्ता बन गए हैं...
आकाश आनंद का गिरता सियासी ग्राफ
आकाश आनंद के सियासी करियर को समझने के लिए थोड़ा पीछे चलना पड़ेगा. 10 दिसंबर 2023 को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. भारतीय राजनीति में अपना उत्तराधिकारी घोषित करने की प्रक्रिया लगभग ऐसी ही रही है. कोई भी बड़ा नेता अपने उत्तराधिकारी का हाथ पकड़कर मंच पर ले जाता है और जनता के सामने ऐलान कर देता है. या किसी दिन सोशल मीडिया पर उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर देते हैं. करीब 3 साल पहले मायावती ने भी अपने उत्तराधिकारी का ऐलान सोशल मीडिया पर किया था.
मायावती ने घोषित किया था उत्तराधिकारी
मायावती ने 10 दिसंबर 2023 को आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित करने के साथ उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी थी. उस समय लगा बसपा मायावती के बाद सियासत के लिए अपना चेहरा ढूंढ ली है, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले यह सफर समाप्त हो गया. लोकसभा चुनाव के दौरान आकाश आनंद के कुछ बयानों को लेकर मायावती ने 7 मई 2024 को उन्हें सभी पदों से हटा दिया. साथ ही उत्तराधिकारी से भी मुक्त कर दिया. उस समय भी मायावती ने आकाश आनंद को अपरिपक्व बताया था.
दोबारा नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया
जैसे की भारतीय राजनीति में कुछ भी लंबा समय तक नहीं चलता ठीक 47 दिन बाद एक बार फिर से तस्वीर बदली और आकाश आनंद की बसपा में दोबारा एंट्री हुई. 23 जून 2024 को मायावती ने एक बार फिर से आकाश आनंद को उत्तराधिकारी घोषित करते हुए दोबारा पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया. आकाश आनंद पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने के लिए रैली करने लगे. पार्टी की कमान संभाले हुए ज्यादा दिन नहीं बीते कि फिर आकाश आनंद को 2 मार्च 2025 को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया. इस बार मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया.
मायावती ने फिर अपरिपक्व ठहराया
करीब 1 महीने बाद कहानी ने फिर करवट ली और 13 अप्रैल को मायावती से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद उनकी बसपा में वापसी हो गई. मई 2025 में आकाश को मायावती ने बसपा का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया. फिर 29 अगस्त 2025 को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया. अब सितंबर 2026 में आकाश आनंद अपनी बुआ मायावती के मैच्योरिटी टेस्टिंग में फेल साबित हो गए. मायावती ने आकाश आनंद को अपरिपक्व ठहराते हुए उन्हें सभी पदों से मुक्त कर दिया. बार-बार जिम्मेदारी मिलने और छिनने से आकाश आनंद की अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े होने लगे. हालांकि, देखना होगा कि 2027 चुनाव नजदीक आने पर क्या होगा?.