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अंकित मित्तल/मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में एक विशाल किसान मजदूर रात्रि महापंचायत का आयोजन किया गया. इस महापंचायत का आयोजन नगर में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में किया गया था. जिसमें आसपास के जनपदों से भी किसानों की भारी भीड़ पहुंची थी. बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में ये पहली रात्रि महापंचायत थी. जिसमें मुख्य रूप से टिकैत बंधु उपस्थित रहे.
इस महापंचायत में किसानों के विभिन्न मुद्दे जैसे गन्ने के दाम में बढ़ोतरी,बिजली, एमएसपी कानून, सर्किल रेट में बढ़ोतरी जैसी मांगों पर विचार विमर्श किया गया था. BKU प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं की तो अब हर जिले में ऐसी ही रात्रि बैठकों के जरिए आंदोलन की शुरुआत की जाएगी.
इस दौरान राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए कहा "लड़ाई सिर्फ दिन में ही नहीं, रात में भी लड़ी जाती है। कार्यकर्ताओं को काफी समय से रात में रुकने की ट्रेनिंग नहीं मिली थी। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र और गुजरात में ज्यादातर बैठकें रात में ही होती हैं, और हमारी यह पहल भी बेहद सफल रही। रात 10-11 बजे तक मीटिंग करो, फिर कल्चरल प्रोग्राम देखो और सुबह अपने घर जाओ।"
इसलिए इन किसानों और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है. केंद्र सरकार को घेरते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार सुधर जाए. ये आंदोलन अब शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि ये मीटिंग हर जिले में की जाएगी और जिसकी घोषणा कर दी गई है. क्योंकि वैचारिक क्रांति दुनिया की बड़ी क्रांति है. हम विचार से लोगों का परिवर्तन करेंगे. इस महापंचायत के दौरान रात 11:00 बजे तक किसानों के विभिन्न मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया था. जिसके बाद मनोरंजन के लिए कल्चर प्रोग्राम की भी व्यवस्था की गई थी.
महापंचायत के मुख्य बिंदु
रात्रि बैठकों का मॉडल: कार्यकर्ताओं को रात में आंदोलन स्थल पर डटे रहने की ट्रेनिंग देना
प्रमुख मांगें
गन्ने के दाम बढ़ाना, एमएसपी (MSP) गारंटी कानून लागू करना, बिजली संशोधन विधेयक रद्द करना और जमीन का सर्किल रेट बढ़ाना
सांस्कृतिक संध्या
रात 11 बजे के बाद किसानों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
संबंधित लिंक
उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलनों व सरकारी अपडेट्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल up.gov.in पर जाएं.
केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी
केंद्र व राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार सीधे रास्ते पर नहीं चली तो यह एक बड़े आंदोलन की शुरुआत है. अब हर जिले में ऐसी ही रात्रि बैठकों का आयोजन कर वैचारिक क्रांति के जरिए लोगों में बदलाव लाया जाएगा.